2014
नरेंद्र मोदी मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बने। अपने 64वें जन्मदिन पर पीएम अहमदाबाद मे अपनी मां हीराबेन का आशीर्वाद लेने पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने मां के पांव छूकर अपना जन्मदिन मनाया। मां हीराबेन ने बेटे नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद के साथ ही उपहार के तौर पर 5001 रुपए दिए। पीएम मोदी ने मां से उपहार के तौर पर मिले पैसों को जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत कोष में दान किया।
इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के दौरे पर थे। प्रधानमंत्री ने अपने जन्मदिन पर गृह राज्य गुजरात में चीनी राष्ट्रपति के लिए एक विशेष रात्रिभोज का भी आयोजन किया। वहीं, साबरमती रिवरफ्रंट पर दोनों नेता एक झूले पर भी बैठे नजर आए थे।
2017
साल 2017 में पीएम मोदी ने अपने 67वें जन्मदिन के दिन वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच मेगा सरदार सरोवर बांध परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद पीएम मोदी भारतीय वायुसेना के पूर्व मार्शल अर्जन सिंह के घर गए, जिनका देहांत 16 सितंबर 2017 को हुआ था।
2018
साल 2018 में पीएम मोदी ने अपना 68वां जन्मदिन अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्कूली बच्चों के साथ मिलकर मनाया। यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी इन बच्चों के लिए कुछ उपहार भी लाए थे। पीएम मोदी ने बच्चों को सोलर लैम्प, स्कूल बैग, स्टेशनरी और नोटबुक उपहार में दिए।
2021
2021 में भी देश कोरोना महामारी से लड़ रहा था। लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन को मनाने के लिए देशवासियों को अधिक से अधिक टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के दिन चलाए गए विशाल टीकाकरण अभियान में एक दिन में ही 2.5 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन लगाकर एक नया रिकॉर्ड बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने की दिशा में काम करने वाले चिकित्सा पेशेवरों, स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
2022
साल 2022 में पीएम मोदी 72वें जन्मदिन के दिन मध्यप्रदेश में थे। इस दिन पीएम ने श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए आठ चीते छोड़े। इसके बाद प्रधानमंत्री श्योपुर जिले के ही कराहल में पहुंचे। यहां उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में भाग लिया। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चार कौशल केंद्रों का लोकार्पण किया। अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी अक्सर मां से मिलने जाया करते थे लेकिन 2022 में वह नहीं जा सके। इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम तौर पर मेरा प्रयास रहता है कि मेरी मां के पास जाऊं। उनका चरण छूकर आशीर्वाद लूं। लेकिन, आज मैं मां के पास तो नहीं जा सका, लेकिन मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल के, अन्य समाज के गांव-गांव में मेहनत करने वाली यह लाखों माताएं आज मुझे यहां आशीर्वाद दे रही हैं।