मोदी सरकार के मंत्री और शीर्ष स्तर के अधिकारी अब कैबिनेट की बैठक के दौरान मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। दरअसल साइबर सुरक्षा खतरा के मद्देनजर मोदी सरकार ने इस आशय का फैसला किया है। यह फैसला तब लिया गया जब खुफिया एजेंसियों ने इन उपकरणों को हैक कर संवेदनशील जानकारियां लीक होने का अंदेशा जताया। बताते हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद केंद्रीय सचिवालय ने सर्कुलर जारी कर मंत्रियों के निजी सचिवों को अपने अपने मंत्रियों को इस फैसले की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
दरअसल उड़ी आतंकी हमला मामले में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत की ओर से किए गए सर्जिकल अटैक के बाद खुफिया एजेंसियों ने स्मार्ट फोन-मोबाइल फोन का डाटा हैक किए जाने का अंदेशा जताया था। खुफिया एजेंसियों की ओर से इस मामले में आगाह किए जाने के तत्काल बाद पीएमओ ने केंद्रीय सचिवालय को कैबिनेट की बैठकों में मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार ने संवेदनशील विभागों और मंत्रालयों में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने आधिकारिक कम्युपटर या लैपटॉप से मोबाइल फोन को दूर रखने की हिदायद दी थी। इस निर्देश में साफ कहा गया था कि मोबाइल फोन को चार्ज करने क ेलिए भी आधिकारिक कम्युटर या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें। गौरतलब है कि ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों ने पहले ही कैबिनेट की बैठकों में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।