विजयदशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम, माता जानकी और बजरंगबली के चरणों में नमन करते हुए देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज भारत के हर कोने, गांव और शहर में भगवान श्रीराम की भक्ति और उनके आदर्शों की गूंज सुनाई दे रही है तथा पूरा देश रामलीला के उत्साह में डूबा हुआ है। देशभर में आयोजित रामलीलाएं भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनकी शिक्षाओं को जीवंत बनाए रखने की परंपरा का प्रतीक हैं। विजयादशमी का पर्व अत्याचार और आतंक के अंत की उद्घोषणा करता है तथा यह इस शाश्वत विश्वास को दर्शाता है कि अंततः सत्य की असत्य पर विजय होती है। इस दौरान पीएम मोदी ने देश के तीन दुश्मन भी बताए।
'आज भारत का कोना-कोना राममय'
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देशभर में रामलीलाओं का मंचन, प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक के अंत का उद्घोष और असत्य पर सत्य सनातन की विजय का विश्वास... हमारे लिए ये केवल त्योहार नहीं है, ये भारत की प्राण ऊर्जा है। इस देश ने, इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है।ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है।
पीएम मोदी ने बताए देश के तीन दुश्मन
दशहरा कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे विचार समान हो, हमारी समितियां अर्थात् राष्ट्र की सभी संस्थाएं, सभी राजनीतिक दल... राष्ट्रहित के लिए एक साथ खड़े हों। हमें इसी भावना पर चलना होगा, हमें देश के दुश्मनों के साथ मिलकर लड़ना होगा। देश को चोट पहुंचाने वाली ताकतें, समाज को बांटने वाले लोग, हमारी संस्कृति से नफरत करने की मानसिकता... ये देश के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा, रामराज्य का मतलब सबके न्याय का होता है और सत्ता का मतलब जनकल्याण होना चाहिए। समाज को बांटने वाले देश के दुश्मन हैं। इन्हें पहचानना होगा। हम सभी को देश के दुश्मनों से मिलकर लड़ना होगा। बुराईयों के खिलाफ सभी को साथ आना होगा। यह हमारे लिए त्यौहार नहीं भारत की प्राण ऊर्जा है।