मोदी ने भीड़ हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों पर खामोश रहने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी एक भी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने और कई भाजपा नेताओं ने बार-बार हिंसा के खिलाफ स्पष्ट शब्दों में बोला है। ये सब रिकॉर्ड में है। हमने शब्दों से आगे बढ़कर काम किया है। गृह मंत्रालय के काम पर नजर डालिए कि हिंसा की घटनाओं के खिलाफ हमने क्या काम किया। ऐसी घटनाओं के खिलाफ राजनीति से ऊपर उठकर एकसाथ खड़े होना चाहिए। ऐसी घटनाओं को महज संख्याओं में आंकना और फिर उन पर राजनीति करना उचित नहीं है। ज्यादातर लोग राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल करने लगते हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध में मौत की सजा का प्रावधान किया
पीएम ने कहा, ‘मैंने सत्ता में आने बाद लाल किले से पहले भाषण में ही कहा था कि महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करना सरकार, समाज, परिवार और हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सरकार के स्तर पर हमने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्युदंड तक का प्रावधान किया। ऐसी घटनाओं के मुकदमों की सुनवाई में तेजी आई है।अब मौत की सजा भी दी जा रही है।