अबकी बार, फिर मोदी सरकार। भाजपा का लोकसभा चुनाव 2019 के लिए नारा है। नारे के पीछे की थीम है, चोर(कांग्रेस और विपक्ष) से लड़ता चौकीदार(प्रधानमंत्री)। लड़ाई है एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी और दूसरी तरफ सब मोदी को हराने के लिए। केन्द्र सरकार कुछ मंत्रालयों के सचिव और शीर्ष अधिकारी भी मान रहे हैं कि 2019 का लोकसभा चुनाव इसी बैक ग्राऊंड पर लड़ने की तैयारी हो रही है।
भाजपा मुख्यालय के नेता भी इसी थीम को आगे रखकर चल रहे हैं। प्रकाश जावड़ेकर, रवि शंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी समेत तमाम केन्द्रीय मंत्री खुलकर कहते हैं कि कहने के लिए तो सब ठीक है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना में है कौन? जनता वोट देने जाएगी तो मोदी के सामने का चेहरा भी देखेगी।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकर्ताओं के भीतर जोश भर दिया था। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव को पानीपत की लड़ाई करार दिया था। शाह का मानना है कि 2019 का चुनाव परसेप्शन ऑफ बैटल है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी 2019 के लोकसभा चुनाव को परसेप्शन ऑफ बैटल मानते हैं। कांग्रेस पार्टी की महिला विंग की प्रमुख सुष्मिता देव का भी यही मानना है। केन्द्र सरकार के कई मंत्री 2019 के चुनाव को धारणा की लड़ाई मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भी धारणा की लड़ाई पर दिया जोर दिया
प्रधानमंत्री नये साल में (2019 में टीवी न्यूज एजेंसी)साक्षात्कार दिया। इसमें भी उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में धारणा पर ही जोर दिया। इसके बाद वह पार्टी के राम लीला मैदान में राष्ट्रीय अधिवेशन में भी बोले। यहां भी प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि पहले का युग भ्रष्टाचार और दलाली का था।
उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद केन्द्रीय सचिवालय से लेकर सरकारी कामकाज में दलाली, भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से 2014 तक सत्ता के गलियारे में दलाल घूमते थे। 2014 के बाद देश को ईमानदार, कर्मठ, नया भारत बनाने वाला, 18 घंटे काम करने वाला, लोकशाही, संस्कार और तंत्र, संस्था को व्यक्ति से मानने वाला प्रधान सेवक मिला है।