प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब-जब कांग्रेस पार्टी को और खासकर इस परिवार को अपनी कुर्सी जाने का संकट महसूस हुआ है, उन्होंने चिल्लाना शुरू किया है कि देश संकट से गुजर रहा है, देश में भय का माहौल है, देश तबाह हो जाने वाला है और सिर्फ हम ही बचा सकते हैं। वह कौन सी मानसिकता होगी, जिसने सत्ता सुख के लिए अपनी स्वयं की कांग्रेस पार्टी के टुकड़े कर दिए हों। ऐसे लोगों में लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा कैसे हो सकती है। जिस पार्टी के अन्दर लोकतंत्र ना हो उससे लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के प्रति आस्था को मजबूत करने के लिए हमें आपातकाल के इस काले दिन को भूलना नहीं चाहिए। जिन्होनें देश के संविधान को कुचल डाला हो, देश के लोकतंत्र को कैदखाने में बंद कर दिया हो, वो आज भय फैला रहे हैं कि मोदी संविधान को खत्म कर देगा
बता दें कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों के प्रति आभार प्रकट करना है, जिन्होंने 1975 में आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लड़ी और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षित करने के बारे में सोचा। बता दें कि भाजपा की मुंबई इकाई ने आपातकाल की 43 वीं बरसी के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा प्रमुख रावसाहेब दानवे भी मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल लगाया था। मोदी आपातकाल लगाए जाने के कदम के कटु आलोचक हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले साल 25 जून को अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा था कि इस तरह की काली रात कभी नहीं भुलाई जा सकती। उन्होंने कहा था कि उन घटनाओं को याद करना जरूरी है जिसके चलते लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा था। वहीं, लोकतंत्र की सकारात्मक गुणवत्ताओं की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने मुंबई में एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की तीसरी सालाना बैठक की शुरुआत की। इस बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक विकासशील देश होने के नाते हम सब की चुनौतियां लगभग एक जैसी हैं। एशिया में अभी भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी समस्याएं हैं। एआईआईबी रिसोर्सेज पैदा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत सबसे निवेशक अनुकूल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत में हम नया पीपीपी मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर डेबिट फंड और इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लागू कर रहे हैं। भारत और एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक साथ मिलकर विकास और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने मेहमानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और साथ ही उन्हें निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की लाइफ लाइन है। हम कारखानों, खाद्य प्रसंस्करण और फसल बीमा और इससे संबद्ध गतिविधियों में निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं। हम बढ़ती उत्पादकता के साथ पानी के सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दे रहे हैं।