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Delhi: 'आर्य समाज ने हमेशा निडरता से भारतीयता की बात की', अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में बोले पीएम मोदी

Fri, 31 Oct 2025 06:35 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM Modi News: पीएम मोदी ने दिल्ली में आर्य महासम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कितने ही क्रांतिकारियों ने आर्य समाज से प्रेरणा लेकर आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व समर्पित किया था। दुर्भाग्य से राजनीतिक कारणों से आजादी की लड़ाई में आर्य समाज की इस भूमिका को वो सम्मान नहीं मिला जिसका वह हकदार था।
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अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई दिल्ली के रोहिणी में अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 में शुक्रवार (31 अक्तूबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। जहां पीएम मोदी ने महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की समाज सेवा के 150 वर्षों के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का जारी किया। यह आयोजन ज्ञान ज्योति महोत्सव का हिस्सा था, जिसमें पीएम मोदी के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।

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अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष केवल समाज के एक हिस्से या एक संप्रदाय से जुड़ा नहीं, बल्कि पूरे देश की वैदिक पहचान से जुड़ा अवसर है।

आर्य समाज प्रबल राष्ट्रभक्तों की संस्था-पीएम मोदी
आर्य महासम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आर्य समाज अपनी स्थापना से लेकर आज तक प्रबल राष्ट्रभक्तों की संस्था रही है। आर्य समाज निर्भीक होकर भारतीयता की बात करने वाली संस्था रही है। भारत विरोधी कोई भी सोच हो, विदेशी विचारधाराओं को थोपने वाले लोग हों, विभाजनकारी मानसिकता हो, सांस्कृतिक प्रदूषण के दुष्प्रयास हों, आर्य समाज ने हमेशा इनको चुनौती दी है। मुझे संतोष है कि आज जब आर्य समाज और उसकी स्थापना के 150 वर्ष हो रहे हैं तो समाज और देश दयानन्द सरस्वती जी के महान विचारों को इस विराट स्वरूप में नमन कर रहा है।"

आर्य समाज की भूमिका को वो सम्मान नहीं मिला-पीएम मोदी

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पीएम मोदी ने आर्य समाज की निडरता से भारतीय मूल्यों की बात करने का जिक्र करते हुए कहा कि आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती एक दूरदर्शी थे, जिन्होंने महिलाओं की मुक्ति के लिए काम किया और ऐसी संस्थाओं की स्थापना की, जो आज भी देश की सेवा कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि कितने ही क्रांतिकारियों ने आर्य समाज से प्रेरणा लेकर आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व समर्पित किया था। दुर्भाग्य से राजनीतिक कारणों से आजादी की लड़ाई में आर्य समाज की इस भूमिका को वो सम्मान नहीं मिला जिसका वह हकदार था।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, "हमारा भारत कई मायनों में विशेष है। ये धरती, इसकी सभ्यता, इसकी वैदिक परंपरा, ये युगों-युगों से अमर है, क्योंकि किसी भी कालखंड में जब नई चुनौतियां आती हैं, समय नए सवाल पूछता है तो कोई ना कोई महान विभूति उनके उत्तर लेकर अवतरित हो जाती है। कोई ना कोई ऋषि, महर्षि और मनीषी हमारे समाज को नई दिशा दिखाते हैं। दयानन्द सरस्वती भी इसी विराट परंपरा के महर्षि थे।"

"ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव का खंडन किया"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "स्वामी दयानंद सरस्वती जी जानते थे कि अगर भारत को आगे बढ़ना है तो भारत को सिर्फ गुलामी की जंजीरें ही नहीं तोड़नी हैं। जिन जंजीरों ने हमारे समाज को जकड़ा हुआ था, उनको भी तोड़ना जरूरी था। इसलिए स्वामी दयानंद सरस्वती ने ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव का खंडन किया।"  बता दें कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य महर्षि दयानंद सरस्वती की सुधारवादी और शैक्षिक विरासत का सम्मान करना, शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज की 150 वर्षों की सेवा का उत्सव मनाना है। साथ ही विकसित भारत 2047 के अनुरूप वैदिक सिद्धांतों और स्वदेशी मूल्यों के बारे में वैश्विक जागरूकता को प्रेरित करना है। 
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