प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भाजपा के 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पार्टी के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। भाजपा की प्रदेश इकाइयों ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने आज कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान किए गए विभिन्न कल्याणकारी कार्यो के बारे में अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की।
पीएम मोदी ने आज सात राज्यों की भाजपा इकाइयों द्वारा लॉकडाउन के दौरान किए गए कार्यों को सराहा और कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता अपने किए गए कार्यो का मंडल, राज्य और देश स्तर पर एक बुकलेट तैयार करें। पीएम मोदी ने कहा कि मैं आग्रह करता हूं कि हम हर मंडल की एक डिजिटल बुकलेट कोरोना के दौरान किए गए पूरे काम को समेटते हुए बनाएं। इसके बाद पूरे जिले और फिर राज्य और फिर देश की एक डिजिटल बुक बने। यह ऐसी चीज है जो भविष्य में प्रेरणा देने वाली है। 25 सितंबर को पं दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है, इस दिन हम इसे लांच करेंगे। उन्होंने कहा कि बुकलेट का अनुवाद तीन भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी और मातृभाषा में हो।
पीएम ने कहा कि भाजपा के सेवा कार्यक्रमों की इतनी बड़ी व्यापकता, इतनी बड़ी विविधता, इतने बड़े स्केल पर, इतने लंबे समय तक सेवा, मुझे लगता है कि ये मानव इतिहास का सबसे बड़ा सेवा यज्ञ है। पीएम मोदी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि एक ऐसे समय में जब दुनिया में सब अपने आपको बचाने में लगे हों, आप सबने अपनी चिंता छोड़कर खुद को गरीबों, जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया है। ये सेवा का बहुत बड़ा उदाहरण है।
जनसंघ और भाजपा के जन्म का मूलतः उद्देश्य ही यही था कि हमारा देश सुखी कैसे बने, समृद्ध कैसे बने। इसी मूल प्रेरणा के साथ, भारतीयता की प्रेरणा के साथ, सेवा की भावना के साथ हम राजनीति में आए। एक आफत आई तो आपने उस आफत को अवसर में बदल दिया। अवसर ये कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सकें, ज्यादा से ज्यादा लोगों की तकलीफ कम कर सकें, उन्हें इस मुसीबत से उबार सकें।
राजनीति में सत्ता को सेवा का माध्यम माना
पीएम मोदी ने कहा कि हम लोगों ने राजनीति में सत्ता को सेवा का माध्यम माना। हमने कभी भी सत्ता को अपने लाभ का माध्यम नहीं बनाया। निःस्वार्थ सेवा ही हमारा संकल्प रहा है, हमारे संस्कार रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की नजरों में आप कोरोना काल में काम कर रहे थे, लेकिन मैं अपनी बात करूं तो आप खुद को कसौटी पर कस रहे थे। आप अपने आदर्शों के बीच खुद को तपा रहे थे।
पीएम ने कहा कि जिस पार्टी के इतने सांसद हों, हजारों विधायक हों, फिर भी वो पार्टी और उसका कार्यकर्ता सेवा को प्राथमिकता दे, सेवा को ही अपना जीवन मंत्र माने, भाजपा के कार्यकर्ता के नाते मुझे बहुत गर्व होता है कि हम सब ऐसे संगठन के सदस्य हैं।
पीएम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे समाज में दूसरों के लिए कुछ करने की, सेवा भाव की बहुत बड़ी ताकत है। हमें समाज की इस ताकत को पूजने का कोई अवसर छोड़ना नहीं चाहिए। आपको संतोष होना चाहिए कि समाज ने हम सबको इस काम के लिए चुना है। सेवा करने के लिए ईश्वर ने हमें राह दिखाई है।
पीएम ने कहा कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने साथ सात एस (S) की शक्ति लेकर आगे बढ़ना चाहिए। 1- सेवाभाव, 2- संतुलन, 3- संयम, 4- समन्वय, 5- सकारात्मकता, 6- सद्भावना, 7- संवाद। इन दिनों इस कोरोना की लड़ाई में भरपूर रूप से इसका प्रभाव दिखाई दिया है।