प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी से कर देने वाले करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने की तैयारी में हैं। इसके तहत पीएम बृहस्पतिवार को प्रत्यक्ष कर सुधारों के अगले चरण की शुरूआत करेंगे। साथ ही पीएम ईमानदारी से कर देने वालों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए पुरस्कृत भी करेंगे।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री 13 अगस्त को वीडियो कांफ्रेन्स के जरिए ‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान’ मंच की शुरूआत करेंगे।’ हालांकि बयान में सुधारों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है लेकिन मंच की शुरूआत के साथ पिछले छह साल में प्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर जो सुधार किए गए हैं, उसे और आगे ले जाने की उम्मीद है।
सुधारों में पिछले वर्ष कंपनी कर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करना एवं नई विनिर्माण इकाइयों के लिए 15 प्रतिशत करना तथा लाभांश वितरण कर हटाना, अधिकारी और करदाताओं के आमना-सामना हुए बिना आकलन शामिल हैं।
बयान में कहा गया है, ‘कर सुधारों के तहत कर की दरों में कमी करने और प्रत्यक्ष कर कानूनों के सरलीकरण पर जोर रहा है। आयकर विभाग के कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए भी सीबीडीटी द्वारा कई पहल की गई हैं।’
वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में करदाताओं के लिये चार्टर (घोषणापत्र) का ऐलान किया गया। इसके तहत उन्हें सांविधिक दर्जा दिये जाने और आयकर विभाग द्वारा नागरिकों को समयबद्ध सेवा के जरिये अधिकार संपन्न बनाये जाने की उम्मीद है।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा था कि चार्टर से करदाता और प्रशासन के बीच भरोसा सुनिश्चित होगा। साथ ही इससे विभाग की दक्षता बढ़ेगी।