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पीएम मोदी 10 दिसंबर को रखेंगे नए संसद भवन की नींव का पत्थर

Wed, 25 Nov 2020 03:03 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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संसद (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 दिसंबर को नए संसद भवन की नींव का पत्थर रखने की संभावना है। सूत्रों ने मंगलवार को यह भी बताया कि नए संसद भवन के निर्माण कार्य के लिए संसद परिसर में मौजूद पांच प्रतिमाएं अस्थायी रूप से विस्थापित की जाएंगी। इनमें महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा भी शामिल हैं। हालांकि इन प्रतिमाओं को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोबारा अपनी जगह स्थापित कर दिया जाएगा।

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सूत्रों के मुताबिक, नींव का पत्थर रखने के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की गई है, लेकिन इसे अभी निर्णायक तिथि घोषित नहीं किया गया है। तारीख की निर्णायक घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय से पुष्टि के बाद ही की जाएगी।


राजपथ पर सत्ता के गलियारे को नया रूप देने को तैयार की गई सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत मौजूदा संसद भवन के बराबर में निर्मित होने वाले नए संसद भवन का निर्माण कार्य 21 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। नए संसद भवन के निर्माण के लिए सितंबर में टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर टेंडर हासिल किया था।
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बंद हो जाएगी सांसदों के बापू की आश्रय में धरना देने की परंपरा
निर्माण कार्य के लिए विस्थापित होने वाली पांच प्रतिमाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा भी शामिल है। करीब 16 फुट ऊंची इस प्रतिमा को परिसर के अघोषित धरना स्थल का दर्जा हासिल है। संसद भवन के गेट नंबर एक के सामने स्थापित बापू की इस मूर्ति के आगे बैठकर ही सांसदों द्वारा सत्याग्रह के अंदाज में अपना विरोध जताने की परंपरा रही है।

इस मूर्ति का निर्माण विख्यात शिल्पकार रामसुतार ने किया था। राज्यसभा की वेबसाइट के मुताबिक, शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से संसद भवन को तोहफे में दी गई इस मूर्ति का अनावरण 2 अक्तूबर, 1993 को तत्कालीन राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा ने किया था। इस मूर्ति के विस्थापित होने पर यहां धरना देने की अघोषित परंपरा भी खत्म हो जाएगी।

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