प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने की खुशी में असम में मनाये जा रहे 'भाषा गौरव सप्ताह' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि, यह आयोजन लोगों और असमिया संस्कृति के बीच संबंध को और गहरा करे। प्रधानमंत्री मोदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा के उस पोस्ट के जवाब में यह बात कही, जिसमें उन्होंने 'भाषा गौरव सप्ताह' मनाएं जाने को लेकर जानकारी साझा की थी।
पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा कि, भाषा गौरव सप्ताह एक उल्लेखनीय प्रयास है, जो असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर लोगों के उत्साह को दर्शाता है। मेरी शुभकामनाएं। सप्ताह भर होने वाले कार्यक्रम लोगों और असमिया संस्कृति के बीच संबंध को और गहरा करें। मैं असम से बाहर के असमिया लोगों से भी इसमें भाग लेने का आग्रह करता हूं।
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने कहा, असम की समृद्ध भाषाई विरासत और असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान करने का एक सप्ताह तक चलने वाला उत्सव 'भाषा गौरव सप्ताह' आज से शुरू हो रहा है। इस सप्ताह, विभिन्न भाषाई समूहों के लोग अपनी भाषाओं का जश्न मनाएंगे और इसे संरक्षित करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करेंगे। हाल ही में केंद्र सरकार ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला को 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया है।
झारखंड में रोटी, बेटी और माटी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भाजपा: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणा पत्र को आदिवासी समाज के विकास और युवाओं को रोजगार के लिए प्रतिबद्ध तथा महिलाओं को सशक्त बनाने वाला बताया और कहा कि उनकी पार्टी राज्य में रोटी, बेटी और माटी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में रांची में भाजपा का घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम दिया है। घोषणा पत्र के एलान पर पीएम मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, आज हम एक नई उम्मीद के साथ झारखंड की जनता-जनार्दन के बीच हैं। हमारा संकल्प-पत्र आदिवासी भाई-बहनों के सम्मान के साथ-साथ विकास, युवाओं को रोजगार और राज्य की नारीशक्ति को सशक्त बनाने वाला है। उन्होंने कहा, "हम यहां की रोटी, बेटी और माटी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।