भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार ने मोदी जी से मिले सम्मान पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, उनका एक राष्ट्र, एक संविधान का सपना पूरा हुआ। उन्होंने बंगाल में बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा की मांग की। वे चाहते हैं कि काम के लिए किसी को बंगाल न छोड़ना पड़े।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार के गठन के समय 98 साल के माखनलाल सरकार चर्चा में रहे। वे पार्टी के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका खास सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने मंच पर उन्हें अंगवस्त्र पहनाया। उन्होंने माखनलाल जी के पैर छुए और उन्हें गले लगाया। सिलीगुड़ी के रहने वाले माखनलाल सरकार भाजपा के उन शुरुआती स्तंभों में से हैं, जिन्होंने बंगाल में पार्टी की नींव को मजबूत किया।
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माखनलाल सरकार का राजनीतिक सफर संघर्षों और राष्ट्रवाद की मिसाल है। वे 16 साल की उम्र से ही आरएसएस के सिद्धांतों पर चल रहे हैं। साल 1953 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में तिरंगा फहराने का आंदोलन शुरू किया था, तब माखनलाल उनके साथ थे। इस आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। 1980 में भाजपा के गठन के बाद उन्होंने उत्तर बंगाल में संगठन को खड़ा करने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने महज एक साल में 10,000 नए सदस्य जोड़कर सबको हैरान कर दिया था। वे लगातार सात साल तक जिलाध्यक्ष रहे, जो उस दौर में एक असाधारण उपलब्धि थी।
क्या बोले माखनलाल सरकार?
प्रधानमंत्री से मिले इस सम्मान के बाद माखनलाल सरकार काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने उनके काम को पहचान दी और उन्हें सम्मानित किया। उनका एक निशान, एक विधान, एक प्रधान' का सपना पूरा हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल के भविष्य के लिए अपनी कुछ जरूरी मांगें भी रखीं।
माखनलाल सरकार ने कहा कि अब बंगाल को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नए मंत्रियों से अपील की कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में विकास की गति को तेज करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल के युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए।