जी-7 सत्रों को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
जापान की अध्यक्षता में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी 19 से 21 मई तक जापान के हिरोशिमा जाएंगे। वह जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर जापान की यात्रा पर जा रहे हैं। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधान मंत्री जी-7 सत्रों को संबोधित करेंगे। अपने संबोधन के दौरान वह दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि; खाद्य, उर्वरक और उर्जा सुरक्षा; स्वास्थ्य; लैंगिक समानता, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण; बुनियादी ढांचा और विकास सहयोग जैसे विषयों पर बोलेंगे। प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन से इतर प्रतिभागी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
जापान से पापुआ न्यू गिनी जाएंगे मोदी
जापान से प्रधानमंत्री पापुआ न्यू गिनी के पोर्ट मोरेस्बी जाएंगे, जहां वह 22 मई को पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे के साथ संयुक्त रूप से 'फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन' (एफआईपीआईसी III शिखर सम्मेलन) के तीसरे शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
पापुआ न्यू गिनी का जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री
पापुआ न्यू गिनी की किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। 2014 में शुरू किए गए एफआईपीआईसी में भारत और 14 प्रशांत द्वीप देश (फिजी, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, तुवालु, किरिबाती, समोआ, वानुअतु, नियू, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया, मार्शल आइलैंड्स रिपब्लिक, कुक आइलैंड्स, पलाऊ, नाउरू और सोलोमन द्वीप) शामिल हैं। विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे और प्रधानमंत्री जेम्स मारापे के साथ बैठकें शामिल हैं।
22-24 मई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे
प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, जापानी प्रधानमंत्री और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 22 से 24 मई तक सिडनी में रहेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शिखर सम्मेलन नेताओं को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे विकास के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत के लिए अपने विजन को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। पीएम मोदी 24 मई को प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह 23 मई को सिडनी में एक सामुदायिक कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और व्यापारिक नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे और भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे।