बतौर पीएम अपने दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र मोदी मंत्रालयों केलिए हर हाल में द्रुत गति से काम और लक्ष्य प्राप्ति को पैमाना बनाया है। इस कड़ी में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) प्रतिदिन के कामकाज केआधार पर विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार करेगा।
पहले पीएमओ इन मंत्रालयों को दी गई जिम्मेदारियों की प्रतिदिन के आधार पर समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करेगा। फिर पीएम हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि तीन महीने बाद कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। जाहिर तौर पर पीएम के पैमाने पर खरे न उतरने वाले मंत्रियों पर इस विस्तार में गाज गिरनी तय है।
दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी बुधवार को पहली बार मंत्रिपरिषद की बैठक को संबोधित करेंगे। इसी बैठक में पीएम सभी मंत्रालयों को उससे संबंधित प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देंगे। इससे पहले पीएम ने सोमवार को सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक कर सरकार के लक्ष्यों की जानकारी दे दी है।
दूसरे कार्यकाल में गृह और मानव संसाधन मंत्रालय पर पीएम ही नहीं बल्कि संघ के शीर्ष नेतृत्व की भी नजर है। गृह मंत्रालय से जहां संघ को राष्ट्रवादी मुद्दों मसलन अनुच्छेद 35 ए, अनुच्छेद 370, कश्मीर घाटी में कश्मीर पंडितों की वापसी, राम मंदिर जैसे मुद्दों के समाधान की उम्मीद है। वहीं मानव संसाधन मंत्रलय से जल्द से जल्द नई शिक्षा नीति लागू करने के साथ वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव की उम्मीद है।