प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल संरक्षण को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम ‘कैच द रेन’ की सोमवार को शुरुआत करेंगे। इसे देशभर के 718 जिलों में एक साथ शुरू किया जाएगा। पीएम मोदी हर जिला मुख्यालय पर जल संरक्षण से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को वर्चुअल तरीके से संबोधित करेंगे।
पीएम ने पिछले महीने मन की बात कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए ‘कैच द रेन, व्हेन इट फॉल्स, वेयर इज फॉल्स’ नारा दिया था यानी वर्षा के जल का संचयन करो, जहां भी गिरे और जब भी गिरे।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे इन गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रत्येक जिले, कलेक्ट्रेट या नगर पालिकाओं या ग्राम पंचायतों में रेन सेंटर खोलें। इन केंद्रों में इस अवधि के दौरान एक मोबाइल फोन नंबर होगा।
केंद्रों को एक इंजीनियर या एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाएगा जो इस तरह के काम में अच्छी तरह से प्रशिक्षित हों। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हो ताकि किसी भी परिसर में बारिश का अधिकतम पानी गिर सके।
इससे मिट्टी की नमी में सुधार और भूजल को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव को कम करेगा।