जीएसटी आयोजन को लेकर विपक्ष की ओर से उठ रहे विरोध के स्वरों के बीच पीएम मोदी ने दरियादिली दिखाई है। आजादी के बाद के सबसे बड़े कर सुधार के कदम जीएसटी पर अकेले श्रेय लेने के बजाय मोदी ने इसमें योगदान के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत सभी दलों के अध्यक्षों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, क्षेत्रीय दलों, प्रदेश के मुख्य सचिवों और लोकसभा से मान्यता प्राप्त सभी छोटे दलों तक के नेताओं का आभार जताया है।
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बकायदा प्रस्ताव पारित कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, जीएसटी कांउसील, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त दलों, सभी सांसदों, राज्य विधानसभा के सदस्यों और समाज एवं उद्योग जगत के लोगों को जीएसटी में योगदान देने के लिए आभार जताया है। सूत्र बताते हैं कि 22 जून को संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में ही जीएसटी पर योगदान के लिए आभार का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसकी जानकारी पत्र के जरिए सरकार ने सभी अहम हस्तियों को दे दी है।
पीएमओ मंत्री ने आभार के लिए लिखे 155 खत
ऐतिहासिक 30 जून की रात को जीएसटी आयोजन में शामिल नहीं होने पर कांग्रेस समेत तमाम दलों ने बेशक विरोध जताए हैं। लेकिन सरकार की ओर से पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने आभार के लिए 155 लोगों को अहम खत लिखे हैं। जीएसटी पर सबको श्रेय देते हुए 22 जून को केंद्रीय कैबिनेट के जरिए पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि साथ भेजते हुए सिंह ने सभी 30 मुख्यमंत्रियों, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त 50 दलों के नेताओं, राज्यसभा के मान्यता प्राप्त 17 दलों के नेताओं, लोकसभा में मान्यता प्राप्त 26 दलों के नेताओं, महासचिव लोकसभा एवं राज्यसभा और सभी 30 मुख्यसचिवों को व्यक्तिगत पत्र लिखा है।
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पीएमओ मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि इस तरह का ऐतिहासिक कार्य सामूहिक योगदान और सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकता है। योगदान के लिए सबका आभार जताते हुए उन्होंने पत्र के जरिए 22 जून के कैबिनेट प्रस्ताव की जानकारी दी है। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार के इस गांधीगीरी को नहले पर दहले के रूप में देखा जा रहा है। सनद रहे कि 1 जूलाई से पूरे देश में एक कर की व्यवस्था वाला जीएसटी लागू हो रहा है। 30 जून की रात को संसद में विशेष आयोजन के जरिए सरकार ने इस क्षण को यादगार बनाने का प्रयास किया है।