पीएम मोदी का थाईलैंड दौरा गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच अहम समझौते होने की उम्मीद है। जिनमें समुद्री सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर अहम बातें बताईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार से थाईलैंड की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर खुशी जाहिर की और कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर थाईलैंड में उत्सुकता का माहौल है। इसकी वजह पीएम मोदी का बढ़ता राजनीतिक कद और थाईलैंड के लिए भारत की बढ़ती अहमियत वजह है।
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'दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं'
नागेश सिंह ने कहा कि हमारी एक्ट ईस्ट नीति और थाईलैंड की लुक वेस्ट नीति एक दूसरे की पूरक हैं। बीते साल 23 लाख भारतीय पर्यटक थाईलैंड आए और बड़ी संख्या में थाईलैंड के पर्यटक भारत गए। रक्षा और सशस्त्र बलों के मामले में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। दोनों देशों के रिश्तों में व्यापक संभावनाएं हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा का सकारात्मक असर न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों पर बल्कि पूरे क्षेत्र पर होगा।
समुद्री सहयोग को लेकर हो सकता है समझौता
नागेश सिंह ने बताया कि 'भारत की पड़ोसी पहले नीति और एक्ट ईस्ट नीति के लिए बिम्सटेक सम्मेलन अहम है। थाईलैंड की सरकार भारत के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन, मानवीय मदद और आपदा राहत जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इस दौरे पर समुद्री सहयोग को लेकर भी दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।'
कैसा रहेगा पीएम मोदी का दौरा
भारतीय राजदूत ने बताया कि पीएम मोदी के थाईलैंड पहुंचने पर गवर्नमेंट हाउस में उनका औपचारिक सम्मान किया जाएगा। इस दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत हो सकते हैं। पीएम मोदी थाईलैंड के ऐतिहासिक वात फो मंदिर भी जाएंगे। इस दौरान उनके साथ थाईलैंड के पीएम भी साथ रहेंगे। दोनों देशों के बीच बातचीत का एजेंडा राजनीतिक, आर्थिक और कमर्शियल, रक्षा, संपर्क और सुरक्षा होगा। साथ ही दोनों देशों के बीच नौकरी के नाम पर म्यांमार में फर्जीवाड़े के कामों में शामिल किए जा रहे लोगों को मुद्दा भी उठेगा। दोनों देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं।