कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मनोनीत पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण नहीं मिलने पर कहा, यह एक नाजायज सरकार है। इसने धनबल, संस्थानों, मीडिया, भय और धमकी का इस्तेमाल किया है। मैं इसे लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के रूप में नहीं देखता, क्योंकि लोगों का जनादेश इसके लिए नहीं है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 9 जून को मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए कांग्रेस नेताओं को निमंत्रण नहीं मिला है। स्वयंभू विश्वगुरु जो अब स्वयंभू विश्व बंधु बन गए हैं, अंतरराष्ट्रीय नेताओं को शपथ ग्रहण में बुलाने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को लोकसभा 2024 के चुनावों में राजनीतिक हार और नैतिक पराजय का सामना करना पड़ा है। अगर हमें निमंत्रण मिलता है, तो भी हम इस बारे में बात करेंगे कि इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का क्या मतलब है।
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कांग्रेस महासचिव रमेश ने कहा, यह एक नाजायज सरकार है। इसने धनबल, संस्थानों, मीडिया, भय और धमकी का इस्तेमाल किया है। मैं इसे लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के रूप में नहीं देखता, क्योंकि लोगों का जनादेश इसके लिए नहीं है।
रमेश ने शनिवार को पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक के बाद संवादाताओं से कहा, शपथ लेने वाले व्यक्ति ने अपना व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने मोदी का नाम लिए बिना कहा कि उनके नाम पर जनादेश मांगा गया था, जो उन्हें नहीं मिला। हमें समझ में नहीं आ रहा है कि शपथ ग्रहण का यह नाटक क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन के नेताओं को शपथ ग्रहण का निमंत्रण आता है तो हम इस पर विचार करेंगे।
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बता दें कि राष्ट्रपति भवन में रविवार शाम 7:15 बजे होने वाले समारोह में विदेशी नेताओं के अलावा भारतीय रेलवे के 10 लोको पायलटों को भी आमंत्रित किया गया है।