भारत की त्वरित प्रतिक्रिया से राहत कार्यों में तेजी
श्रीलंका में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश, तेज हवा और समुद्र में आए उफान के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। भारत द्वारा भेजे गए राहत दलों ने प्रभावित तटीय इलाकों में तुरंत काम शुरू किया और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। राहत सामग्री में दवाएं, भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय बनाने के सामान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति दिसनायके को भरोसा दिलाया कि भारत अपने विजन ‘महासागर’ के तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग और मानवीय सहायता को सबसे ऊपर रखता है। इसी दृष्टिकोण के तहत भारत हमेशा से प्राकृतिक आपदाओं में श्रीलंका का पहला सहयोगी रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंका के पुनर्वास, सार्वजनिक सेवाओं की बहाली और आजीविका को वापस पटरी पर लाने की प्रक्रिया में भी भारत व्यापक मदद देगा।
श्रीलंका में राहत मिशन तेज
भारत ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को लगातार सहायता प्रदान कर रहा है और संकट में फंसे लोगों के लिए बचाव व राहत कार्य आगे भी जारी रहेंगे। आने वाले दिनों में भी हर तरह की आवश्यक मदद पहुंचाएगा। इसमें पुनर्वास कार्यों में सहयोग, सार्वजनिक सेवाओं की बहाली और प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका को वापस पटरी पर लाने में सहायता शामिल होगी।
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