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'नेशन फर्स्ट से बदला देश': पीएम मोदी बोले- भारत अब केवल तेज अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक वैश्विक महाशक्ति

Mon, 22 Jun 2026 09:41 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की एक विश्वसनीय और उभरती हुई महाशक्ति है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले माओवादी आतंक के सामने तत्कालीन सरकार के हाथ कांपते थे, लेकिन आज 'नेशन फर्स्ट' की नीति के चलते देश से माओवादी आतंकवाद का अंत हो गया है और भारत अगले 1000 साल का भविष्य तय कर रहा है। उन्होंने और क्या-क्या कहा है? जानिए...
 
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत का हुंकार भरा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक बेहद विश्वसनीय और भरोसेमंद ताकत बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अगले 1,000 वर्षों के भविष्य की पटकथा लिख रहा है और यही नए भारत का दुनिया के लिए सबसे बड़ा भरोसा यानी गारंटी है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की सोच में एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव आया है। पहले जहां लोग सोचते थे कि 'यह काम कभी नहीं हो सकता', वहीं आज हर देशवासी का भरोसा है कि 'यह काम होकर रहेगा'। सोच में आया यह बदलाव ही नए भारत की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

'नेशन फर्स्ट' हमारा सर्वोच्च मंत्र, जी-7 देशों को भी है भरोसा: पीएम मोदी
हाल ही में संपन्न हुए जी-7 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं कुछ ही दिन पहले जी-7 समिट से लौटा हूं। दुनिया का हर बड़ा नेता और हर देश आज यह अच्छी तरह समझता है कि आज के भारत के लिए 'नेशन फर्स्ट' राष्ट्र प्रथम ही उसका सर्वोच्च मंत्र और मार्गदर्शक सिद्धांत है।'
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एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में मौजूद जाने-माने उद्यमी और जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब देश के उद्यमी 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ काम करते हैं, तो बड़े संस्थानों का निर्माण होता है और देश समृद्ध बनता है। उन्होंने फ्रांस के 'विवाटेक' का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां जोहो के स्टॉल पर यूरोपीय युवाओं की भारी भीड़ देखकर उन्हें बेहद गर्व की अनुभूति हुई थी, जो इस भारतीय वैश्विक घटनाक्रम को समझने के लिए उत्सुक थे।

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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तब कांपते थे हाथ: पीएम मोदी
विपक्ष और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग आज हर बात पर संविधान की दुहाई देते हैं, जब वे सत्ता में थे तो नक्सल प्रभावित इलाकों में संविधान का नाम लेने पर भी लोगों को गोलियों से भून दिया जाता था, लेकिन वे चुप रहते थे। उन्होंने कहा, 'उस समय उनके हाथों में कहीं संविधान दिखाई नहीं देता था, बल्कि उनके हाथ कांप रहे थे। कांग्रेस इस भयानक स्थिति के प्रति पूरी तरह उदासीन बनी रही। साल 2014 के बाद हमने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ इस स्थिति को बदलने का काम शुरू किया।'

पीएम मोदी ने आदिवासी क्षेत्रों में आए बदलाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश की 10 करोड़ से अधिक की जनजातीय आबादी दशकों तक माओवादी आतंक के साए में जीने को मजबूर थी। साल 2004 से 2014 के बीच माओवादी हिंसा की 17,000 से अधिक घटनाएं हुईं और लगभग 7,000 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कई पीढ़ियां इस हिंसा में बर्बाद हो गईं, लेकिन हमारी सरकार के कड़े संकल्प, समर्पण और बलिदान के कारण आज देश से माओवादी आतंकवाद का लगभग खात्मा हो चुका है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि इन क्षेत्रों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी में जी रहा था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जिसमें आकांक्षी जिलों ने अहम भूमिका निभाई है और जो इलाके कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां अब विकास की नई किरणें दिखाई दे रही हैं।

नक्सली हिंसा चरम पर थी तब संविधान दिखाने वालों के हाथ कांपते थे : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश में नक्सली हिंसा अपने चरम पर थी, तब आज संविधान की प्रति लेकर घूमने वाले नेताओं के हाथ उसे दिखाने में कांपते थे। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को पिछड़े इलाके मानकर छोड़ दिया था, जबकि उनकी सरकार ने इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत इन क्षेत्रों को आकांक्षी जिले और आकांक्षी ब्लॉक का नाम दिया गया, जो अब विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच माओवादी हिंसा की 17,000 से अधिक घटनाएं हुईं और करीब 7,000 लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ सरकार ने स्थिति बदलने की दिशा में काम किया। आज देश में माओवादी हिंसा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी मुश्किल था और सरकारी वाहन तक सुरक्षित नहीं गुजर पाते थे। लेकिन अब उन इलाकों में विकास की नई किरण दिखाई दे रही है।
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प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और इसमें आकांक्षी जिलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विश्वसनीय वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि देश अगले एक हजार वर्षों के भविष्य की पटकथा लिख रहा है। मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक अभियानों के दौरान संविधान की प्रति प्रदर्शित करते रहे हैं।
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