ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री से पीएम मोदी की पहली बातचीत
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से पहली बार फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने एंडी बर्नहैम को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। बातचीत में तकनीक, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
पहली बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से बात करके खुशी हुई। उन्होंने बर्नहैम को नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बातचीत दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति?
दोनों नेताओं ने तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर आपसी संबंधों को और गहरा करना है, ताकि दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
सीईटीए समझौते को लेकर क्या चर्चा हुई?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल ही में लागू हुए भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) से व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। दोनों देशों ने इस समझौते का पूरा लाभ उठाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते के जरिए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देंगे, जिससे भारत और ब्रिटेन के लोगों की साझा समृद्धि और कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।
भारत-यूके साझेदारी को नई दिशा कैसे मिलेगी?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन आने वाले समय में सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगे। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार मिलकर काम किया जाएगा। रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही हाल ही में लागू हुए सीईटीए समझौते से व्यापार और निवेश के नए अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने पर भी दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की।