उड़ी आतंकी हमले से देशभर में जारी भारी आक्रोश के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक मंच से पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी है। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शिरकत करने आए पीएम मोदी ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को एक तरह से ललकारते हुए कहा कि आतंकवादियों के लिखे भाषण पढ़ने वाले हुक्मरान कान खोलकर सुन लें कि भारत न तो उड़ी हमले को कभी भूलेगा और न ही हमारे 18 जवानों की शहादत बेकार जाएगी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हुक्मरान आतंकवादियों के लिखे भाषण पढ़कर कश्मीर का राग अलाप रहे हैं। भारत को पाकिस्तान की हजार साल तक जंग लड़ने की चुनौती स्वीकार है। पहली बार पाकिस्तान का सीधा नाम लेते हुए पीएम मोदी ने हर हाल में कश्मीर हासिल करने की पाकिस्तानी हुक्मरानों के बयान की खिल्ली भी उड़ाई। उन्होंने पाकिस्तान को अपना घर संभालने की नसीहत दी। कहा कि सिंध, बलूचिस्तान, पीओके, गिलगित और पख्तून संभल नहीं रहा और बात कश्मीर हासिल करने की करते हैं।
पीएम मोदी ने इस दौरान पाकिस्तानी हुक्मरान पर आतंकवादियों के आकाओं का लिखा भाषण पढ़ कर कश्मीर के गीत गाने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी हुक्मरानों पर अपनी जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने पाकिस्तानी आवाम से आतंकवाद के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम पूरी दुनिया को सॉफ्टवेयर निर्यात करते हैं लेकिन पाकिस्तान आतंकवाद का निर्यात।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान पाकिस्तान पर आतंकवाद से सवाल पर लगातार हमला बोला। उन्होंने सीधे-सीधे उड़ी आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान से निर्यात किए गए आतंकवाद के कारण देश के 18 जवानों को बलिदान देना पड़ा। इन जवानों की शहादत को बेकार नहीं जाने देने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश को इसका जवाब मिलेगा। उसे हर हाल में अलग-थलग रहने पर मजबूर कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के कश्मीर राग की भी खिल्ली उड़ाई। कहा कि कश्मीर के लिए हजार साल तक भारत से जंग की घोषणा करने वाले पाकिस्तानी हुक्मरान काल की गाल में कहां समा गए, इसका पता नहीं चला। पूर्वी पाकिस्तान नहीं बचा पाए। अपना घर संभाल नहीं पा रहे और अपने आवाम को गुमराह करने केलिए कश्मीर हासिल करने की बात करते हैं।
पाकिस्तान के आवाम से किया सीधा संवाद
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भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने सीधे पाकिस्तान की जनता से यह कह कर सीधा संवाद किया कि उसके हुक्मरानों को दुनिया गंभीरता से नहीं लेती। पीएम मोदी ने पाकिस्तानी आवाम से आह्वान किया कि विकास और बुनियादी सुविधाओं से ध्यान हटाने के लिए उनके हुक्मरान आतंकवाद और कश्मीर जैसे मुद्दों से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तानी आवाम का आह्वान किया कि वह अपने हुक्मरानों से पूछे कि जब दोनों देश को एक साथ आजादी मिली तो भारत दुनिया की सबसे मजबूती से उभरने वाली तो पाकिस्तान इस मोर्चे पर सबसे पीछे रहने वाला देश क्यों है। क्यों भारत सॉफ्टवेयर का निर्यात करता है और पाकिस्तान आतंकवाद का। क्यों उसके हुक्मरान गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, कुपोषण जैसे मुद्दों पर भारत से जंग नहीं चाहते।
21वीं सदी में जाने से रोक रहा है एशिया को
उड़ी आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। हमारे पड़ोसी देश से निर्यात किए गए आतंकियों के कारण 18 जवानों को बलिदान देना पड़ा। कश्मीर के नाम पर पाकिस्तान के हुक्मरान अपने अवाम को बरगला रहे हैं। आतंकवादी भी साथ ही कान खोल कर सुन लें कि भारत अपने 18 जवानों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देगा।
दुनिया में कहीं भी कोई आतंकी घटना होती है तो पता चलता है कि हमले में एशिया के एक देश की भूमिका थी। या तो हमले का षड्यंत्र यहीं रचा गया या फिर हमले के बाद ओसामा बिन लादेन की तरह हमला करने वालों को इस देश में संरक्षण मिला। यह देश एशिया को 21वीं सदी में जाने से रोक रहा है।
क्या क्या बोले पीएम मोदी
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- 21वीं सदी भारत और एशिया की हो सकती है। मगर एशिया का एक देश चाहता है कि पूरी दुनिया रक्तरंजित हो, आतंकवाद की चपेट में आ जाए और निर्दोष लोगों का खून बहता रहे।
- दुनिया में कहीं भी कोई आतंकी घटना होती है तो पता चलता है कि हमले में एशिया के एक देश की भूमिका थी। या तो हमले का षड्यंत्र यहीं रचा गया या फिर हमले के बाद ओसामा बिन लादेन की तरह हमला करने वालों को इस देश में संरक्षण मिला।
- आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। दुनिया को एक होकर आतंकवाद को परास्त करना होगा। भारत आतंकवाद से समक्ष न कभी झुका है और न ही कभी झुकेगा। इसे हर हाल में परास्त करेगा।
- उड़ी आतंकी हमला मामले में पूरे देश में आक्रोश है। हमारे पड़ोसी देश से निर्यात किए गए आतंकवादियों के कारण 18 जवानों को बलिदान देना पड़ा। आतंकवादी कान खोल कर सुन लें। भारत इन सैनिकों के बलिदान को भूलने वाला नहीं है।
- पिछले कुछ महीनों में 17 बार आतंकवादियों का निर्यात किया गया। मगर हमारे जवानों ने 110 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर देश को बड़े खून खराबे से बचा लिया।
- हमारी सेना का मनोबल हमारी एकता और अखंडता है। हमारे जवानों और देशवासियों का मनोबल बहुत ऊंचा और मजबूत है।
- पड़ोसी देश के हुक्मरान कहा करते थे कि भारत से हजार साल तक लड़ेंगे। ऐसा कहने वाले काल की गाल में कहां समा गए उनका कहीं पता नहीं चलता। अब आज के हुक्मरान आतंकवाद के आकाओं का लिखा भाषण पढ़ कर कश्मीर के गीत गा रहे हैं।
- हुक्मरान पूर्वी बंगाल नहीं संभाल पाए। अब सिंध, बलूचिस्तान, पीओके, पख्तून, गिलगित नहीं संभल रहा, मगर गीत कश्मीर का गा रहे हैं। दिल्ली में जो सरकार बैठी है, उसे पाकिस्तान की हजार साल तक जंग की चुनौती स्वीकार है।