प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के कौशल विकास पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भविष्य के लिए तैयार वैश्विक रूप से प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया कि सरकार युवाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित नीति तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय वैश्विक रूप से प्रासंगिक कौशल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुशल युवा सबसे बड़ी ताकत, देश प्रतिभाओं का पावरहाउस
पीएम मोदी ने कहा कि कुशल युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत और देश के विकास में आवश्यक योगदानकर्ता है। भारत अपने युवा कार्यबल की स्किल और स्केल के कारण कुशल प्रतिभाओं के एक पावरहाउस के रूप में विश्व स्तर पर तेजी से पहचान बना रहा है। बेहतर इंटर्नशिप के मौके, तकनीकी शिक्षा के अपग्रेड और मूल्यवान अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से भारतीय युवा प्रोफेशनल वैश्विक कार्यबल पर एक स्थायी प्रभाव डालेंगे। इससे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सहायता मिलेगी।
पीएम ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह 2024 में आठ लाख से अधिक दीक्षा पाने वाले स्नातकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दीक्षा उत्सव छात्र जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का उत्सव होता है। वे प्रोफेशनल्स की ओर से हासिल कौशल में देश के विकास को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने पर लगाएं। उन्होंने कहा, एमएसडीई के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह एक अनोखा आयोजन है, जो आईटीआई, एनएसटीआई, आईटीओटी और विभिन्न अन्य संस्थानों के छात्रों को एक साथ लाता है।
15 हजार आईटीआई, 33 एनएसटीआई में समारोह
दिल्ली के कौशल भवन में आयोजित दीक्षांत समारोह को 15 हजार आईटीआई और 33 एनएसटीआई में लाइव टेलीकॉस्ट किया गया। केंद्रीय कौशल मंत्री जयन्त चौधरी ने सीटीएस और सीआईटीएस के 48 छात्रों को कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। इनमें सीटीएस और सीआईटीएस के अखिल भारतीय टॉपर, सीटीएस के शीर्ष 10 ट्रेडों के और सीआईटीएस के तहत शीर्ष 5 ट्रेडों के टॉपर शामिल रहे।
152 ट्रेडों में 19 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। इसमें से 87.34 फीसदी छात्र उत्तीर्ण रहे हैं। क्राफ्ट्स इन्स्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम (सीआईटीएस) के तहत प्रशिक्षित ट्रेनर्स के लिए, 9292 छात्र फाइनल परीक्षा में शामिल हुए और 7873 उत्तीर्ण (84.73 फीसदी) हुए।