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मंत्रियों के बाद अब मोदी ने भाजपा सांसदों से मांगा दो साल के काम का हिसाब

Fri, 22 Jul 2016 04:21 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर कामकाज के सवाल पर मंत्रियों की परीक्षा लेने के बाद प्रधानमंत्री अब भाजपा के सांसदों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इस कड़ी में प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद भाजपा नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों से दो साल के कामकाज का हिसाब मांगा है। 
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सांसदों से बीते दो साल में संसद और अपने संसदीय क्षेत्र में किए गए कामकाज की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। सांसदों को कहा गया है कि वे सांसद आदर्श ग्राम योजना के साथ सांसद निधि का अब तक किए गए इस्तेमाल का पूरा ब्योरा भी अपनी रिपोर्ट कार्ड में शामिल करें। यह भी बताएं कि इस दौरान सांसदों ने अपने इलाकों में कितने लोगों की सुध ली। 

गौरतलब है कि मोदी मंत्रिमंडल में हुए हालिया विस्तार और  फेरबदल का फैसला मंत्रियों के कामकाज की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया था। इसी प्रकार सांसदों को उनके कामकाज के आधार पर ही न सिर्फ भविष्य में तरक्की दी  जाएगी बल्कि उनका फिर से टिकट पाने का आधार भी रिपोर्ट कार्ड को ही  बनाया जाएगा।
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भाजपा सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का निर्देश देने का पहला मकसद सांसदों को ज्यादा जवाबदेह बनाना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम योजना को गति नहीं मिलने से भी खुश नहीं हैं।

नियमानुसार पार्टी सांसदों को अब तक एक और गांव इस योजना के तहत गोद ले लेना चाहिए थे, मगर कई सांसदों का रुख बेहद उदासीन है। पहले साल जिन सांसदों ने गांव गोद लिया था, उन गांवों की स्थिति में भी ज्यादातर सांसद सुधार लाने में कामयाब नहीं हुए हैं।

ऐसे में रिपोर्ट कार्ड  मांगे जाने के बाद सांसद इन योजना के प्रति ज्यादा संवेदनशील होंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री की एक और चिंता सांसद निधि के व्यापक और उचित इस्तेमाल न  होने पर भी है। यही कारण है कि सांसदों को अपनी रिपोर्ट कार्ड में निधि के  उपयोग की विस्तृत जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा गया है। पार्टी  सांसद अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को सौंपेंगे। 

रिपोर्ट में सांसदों को बीते दो साल में संसद के अंदर उठाए गए सवाल, मुद्दों, बहस में ली गई भागीदारी की भी जानकारी देनी होगी। सांसदों को अपने अपने क्षेत्र में केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों की भी सूची देनी होगी। यह भी बताना होगा  कि बीते दो साल में सांसदों ने अपने अपने क्षेत्र में कितने और किस तरह के कार्यक्रम किए। 
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छह मंत्री सुनेंगे सांसदों का दु:ख - दर्द

रिपोर्ट  कार्ड मांगने के साथ ही पीएम मोदी ने सांसदों के दु:ख-दर्द दूर करने का भी  ध्यान रखा है। इस क्रम में सांसदों की परेशानी को दूर करने की जिम्मेदारी छह शीर्ष मंत्रियों राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वैंकेया नायडू,  नितिन गडकरी और मनोहर परिकर को दी गई है।

ये मंत्री समय पर अलगअलग  राज्यों के सांसदों से सामूहिक रूप से बातचीत करेंगे। पीएम मोदी ने सांसदों  से कहा है कि इस दौरान वह मंत्रियों को सरकार के कामकाज का फीडबैक देने के  साथ ही और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अपनी राय भी दें।
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