राज्यसभा से रिटायर हो रहे साठ सदस्यों के विदाई समारोह में बुधवार को सदन करीब चार घंटे चला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आप तीन तलाक की निर्णय प्रक्रिया से वंचित रह गए, उसका आपको मलाल रहेगा। चर्चा के दौरान गिले शिकवे, आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। निवर्तमान सदस्यों ने अपने अनुभवों के साथ भविष्य में सदन में हंगामे और वेल की प्रक्रिया बंद करने की बात कही।
सदन में मौजूद प्रधानमंत्री रिटायर हो रहे सदस्यों के योगदान को याद किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि तीन तलाक जैसे फैसले भविष्य में बहुत बड़ी भूमिका अदा करने वाले हैं। आप उसकी निर्णय प्रक्रिया से वंचित रह गए। यह बिल राज्यसभा में अटका हुआ है और सदन से विदा होने वाले सदस्यों के मन में इसको लेकर कसक जरूर होगी। आज नहीं तो दस साल बाद जरूर होगी।
सदन के दरवाजे बंद हुए, पर पीएमओ खुला रहेगा
पीएम ने कहा कि हम में से ज्यादातर लोगों की कोई न कोई पृष्ठभूमि और विचारधारा है। इसलिए यहां पर उन बातों को प्रतिष्ठापित करने के लिए हम लोगों का प्रयासरत रहना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन ये अपेक्षा भी रहती है कि जो ग्रीन हाउस में होता है, जरूरी नहीं वह रेड हाउस में होना ही चाहिए। पीएम ने कहा कि मत मानिये कि इस सदन के दरवाजे बंद होने से सभी दरवाजे बंद हो गए। आपके लिए पीएमओ के दरवाजे खुले हैं। आप पीएमओ आकर देशहित के विचारों को साझा करें।
मोदी ने कहा कि उच्च सदन का एक माहात्म्य है। रिटायर हो रहे सदस्य इस तैयारी से आए होंगे कि ऐतिहासिक भाषण करके जाऊं। कल तो ऐसा लग रहा था कि शायद यह मौका भी छूट जाएगा, लेकिन चेयरमैन ने सबको समझाने का प्रयास किया और संभव हो सका कि सदस्य अपनी बात रख सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिलीप तिर्की और सचिन तेंदुलकर भी अब हमारे बीच नहीं होंगे। उपसभापति पीजे. कुरियन को हम हमेशा याद करेंगे। हमें उनसे सीखना चाहिए कि बात तो वही बतानी है, लेकिन हंसते हुए बतानी है, यह उनकी विशेषता रही है।
ये विदाई है जुदाई नहीं : आजाद
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं, लेकिन ये विदाई नहीं जुदाई है। जिस तरह उपसभापति और प्रधानमंत्री ने सक्रिय बने रहने की बात कही, साबित करता है राजनेता कभी रिटायर नहीं होते। सेंट्रल हॉल इसीलिए बनाया गया था ताकि पूर्व सदस्य यहां मिल सकें।
हम नई शुरुआत कर सकते हैं : वेंकैया
सभापित एम. वेंकैया नायडू ने सदन न चलने और वेल में शोरशराबा करने पर सदस्यों से भावुक अपील की। उन्होंने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह का जिक्र करते हुए कहा कुछ लोगों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया है। किन परिस्थितियों में शत्रु से लड़े। उसे देखकर याद आया कि हम सदन में क्या कर रहे हैं। हम आपस में असहमत हो सकते हैं, लेकिन व्यवधान नहीं होना चाहिए। पूरा देश उच्च सदन को गाइड के रूप में देखता है। किसी भी दल के सदस्य के प्रति कुछ नहीं कहना, लेकिन हम नई शुरुआत कर मर्यादित आचरण करें।
सदस्यों के बर्ताव में गिरावट आ रही है : कुरियन
उपसभापति पीजे. कुरियन भी रिटायर होने वाले सदस्यों में शामिल हैं। अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव जरूर होता है, लेकिन राजनेता कभी रिटायर नहीं होता। मैं माफी चाहता हूं कि मैंने कठोरता से कुछ कहा हो, लेकिन इरादतन कुछ नहीं है। उन्होंने सदस्यों के बर्ताव में गिरावट आने पर चिंता जताई।
सिर्फ वकील ही वापस आ रहे हैं : जेटली
नेता सदन अरुण जेटली ने चुटकी लेते हुए कहा कि राज्यसभा में एक पैटर्न सामने आ रहा है। सभी दलों में पुराने सदस्यों में सिर्फ वकील ही वापस आ रहे हैं। दरअसल जेटली यूपी से और कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी पश्चिम बंगाल से फिर जीतकर आए हैं। हम यहां एक दूसरे की राय का सम्मान करना भी सीखते हैं। उन्होंने सत्यव्रत चतुर्वेदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें पार्टी हितों से ऊपर उठकर काम करने की क्षमता है।