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एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर: पीएम मोदी

Sat, 15 Oct 2016 11:32 PM IST
एजेंसी/बेनोलिम (गोवा)
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पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : PTI
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सबसे पुराने दोस्त के साथ 16 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद साझा बयान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रूसी कहावत का ही जिक्र करते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से रूस-पाकिस्तान साझा युद्धाभ्यास पर एक तरह से नाराजगी का इजहार कर दिया। पीएम मोदी ने कहा, ‘एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर होता है।’ हालांकि दोनों नेताओं की वार्ता बहुत ही सार्थक और उद्देश्यपरक रही। 
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दोनों नेताओं के बीच पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा उड़ी हमले पर भी चर्चा हुई। पिछले दिनों ही रूस ने पाकिस्तान के साथ साझा सैन्य अभ्यास किया था। इस पर रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद से मुकाबले में दोनों देशों के बीच गहरी भागीदारी रही है। 

हालांकि भारत ने साझा सैन्य अभ्यास पर नाराजगी के साथ ही यह भी कहा कि रूस समझता है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय नीति आतंकवाद को प्रायोजित और पोषित करने की रही है और भारत उसकी इस समझ से संतुष्ट है। पाकिस्तान-रूस के साझा सैन्य अभ्यास पर भारत की चिंता को लेकर रूस की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा, ‘हम भारत के हितों को लेकर रूस की समझ से संतुष्ट हैं। भारत के हितों के विरुद्ध रूस ऐसा कोई काम नहीं करेगा और मैं समझता हूं कि इस मुद्दे पर हमारी मानसिकता बिल्कुल मेल खाती है।’
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आतंकवाद क्यों महत्वपूर्ण मुद्दा बन रहा है

- फोटो : PTI
यह पूछे जाने पर कि ब्रिक्स में आतंकवाद क्यों महत्वपूर्ण मुद्दा बन रहा है जबकि यह संगठन अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े मसलों पर चर्चा के उद्देश्य से बनाया गया है, जयशंकर ने कहा, ‘यह मंच मौजूदा मसलों पर भी चर्चा करता है। पहले यहां आर्थिक चुनौतियों से निपटने पर चर्चा होती थी और अब आतंकवाद एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ब्रिक्स देश राजनीतिक मसलों पर चर्चा करने से कभी नहीं कतराए हैं।’ 

मोदी ने कहा कि दोनों देश सालाना सैन्य औद्योगिक सम्मेलन आयोजित करने पर सहमत हो गए हैं जिसमें दोनों पक्षों के अंशधारक साझीदारी को मजबूत करेंगेे। साझा बयान में कहा गया है कि रूस भारत के परमाणु आपूर्तिकर्ता देश (एनएसजी) में शामिल होने का ठोस समर्थन करता है और साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल प्रसार तथा मिसाइल टेक्नोलॉजी सत्ता के खिलाफ हेग आचार संहिता में भारत के प्रवेश का स्वागत करता है। 

साझा बयान में मोदी ने कहा, ‘हमन वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्त बाजार की अस्थिर प्रकृति से उभरने वाली चुनौतियों पर भी घनिष्ठ भागीदारी निभाने के लिए सहमत हैं। संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, पूर्वी एशिया सम्मेलन, जी-20 और शंघाई सहयोग संगठन में हमारी घनिष्ठ साझेदारी हमारी दोस्ती को संभावनाओं और विस्तार दोनों स्तरों पर सही मायने वैश्विक होगी।’
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