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अगले 2-3 साल में 400 से भी ज्यादा जिलों में उपलब्ध होगी प्राकृतिक गैसः पीएम मोदी

Thu, 22 Nov 2018 09:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगले दो-तीन वर्षों में ही देश के 400 से भी ज्यादा जिलों में खाना बनाने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस -पीएनजी- और मोटर वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस -सीएनजी- की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही आने वाले दशक के अंत तक देश भर में सीएनजी पम्प की संख्या वर्तमान के 1470 ये बढ़ कर 10000 हो जाएगी। वह गुरुवार को यहां पीएनजीआरबी के सिटी गैस वितरण परियोजना के नौंवे दौर की बोली में सफल हुए विजेताओं की परियोजना का संयुक्त आधारशिला रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सिटी गैस के लिए 10वें दौर के लिए बोली आमंत्रित करने की प्रक्रिया की भी शुरूआत की। 

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इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 तक देश के महज 66 जिलों में ही सिटी गैस वितरण -सीजीडी- की व्यवस्था थी। अभी तक यह 174 से भी ज्यादा जिलों में भी हो चुकी है और अगले दो-तीन वर्षों के दौरान देश के 400 से भी ज्यादा जिलों में पीएनजी-सीएनजी की आपूर्ति होने लगेगी। उल्लेखनीय है कि 9वें दौर में जहां 65 भौगोलिक क्षेत्रों के 129 जिलों में सीएनजी-पीएनजी की पहुंच होगी वहीं 10वें दौर में 50 भौगोलिक क्षेत्रों में 124 जिलों में यह सुविधा मिलेगी। जब 400 से भी ज्यादा शहर सीजीडी के दायरे में आएंगे तो देश की 70 फीसदी आबादी को सीएनजी-पीएनजी की सुविधा मिलने लगेगी।

प्रधानमंत्री का कहना है कि प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में यह एक बड़ी तस्वीर है, इस बात को समझने की कैसे हमारे शहर गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गैस आधारित अर्थव्यवस्था पर काफी ध्यान दे रही है। देश के गैस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, एलएनजी टर्मिनलों की संख्या बढ़ाने और राष्ट्रव्यापी गैस ग्रिड और सिटी गैस वितरण के नेटवर्क पर काम करने के लिए एक साथ काम किया जा रहा है। 
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उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के इन्नौर में और ओडिशा के धामरा में करीब 10000 करोड़ रुपये की लागत से एलएनजी टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। इन दोनों टर्मिनलों का निर्माण काफी तेजी से हो रहा है और अब यह अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके साथ ही 13000 करोड़ रुपये के निवेश से प्राकृतिक गैस ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे गोरखपुर, बरौनी और सिंदरी के खाद कारखाने को नया जीवनदान मिलेगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहले एलपीजी गैस की विकास दर भी सुस्त थी। तभी तो इसकी शुरूआत से लेकर 60 साल में महज 13 करोड़ कनेक्शन ही दिये गए। उनकी सरकार आने के बाद महज चार वर्षों में ही 12 करोड़ कनेक्शन दे दिये गए। इसमें बड़ा योगदान तो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का रहा, जिसमें अभी तक करीब छह करोड़ कनेक्शन गरीबों को मिले हैं। उन्होंने पहले का जमाना याद करते हुए कहा कि उस समय तो एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए सांसदों या विधायकों से सिफारिशी चिट्ठी लिखवायी जाती थी। अब यह व्यवस्था खत्म हो गई है और जहां चाहे, वहां से तुरंत गैस कनेक्शन ले सकते हैं।

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