कनाडा के पीएम
जस्टिन ट्रूडो अपने सात दिन के दौरे पर भारत आए हुए हैं। हालांकि अभी तक
पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात नहीं की है। इस पर देशभर से लोग सवाल भी उठा रहे हैं कि अन्य पीएम की तरह देश में कनाडा के पीएम का स्वागत क्यों नहीं हुआ? लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल भी पूछे कि क्या कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और पीएम मोदी के संबंध अच्छे नहीं है? हालांकि गुरुवार देर शाम पीएम मोदी ने अपना पहला ट्वीट किया है। उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो अपने परिवार के साथ भारत को काफी इंज्वाय कर रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि मैं कल कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात करूंगा जिसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत बनाने पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं दोनों देशों के बीच संबंधों की गहरी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं।
कनाडा के प्रधानमंत्री परिवार संग गुजरात में
- फोटो : PTI
बता दें कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एयरपोर्ट न जाने पर उठी आशंकाओं को सरकार के सूत्रों ने गलत बताया है। दरअसल इससे कनाडा में ऐसी आशंकाएं जताई जाने लगीं कि वहां सिख चरमपंथ बढ़ने के कारण ट्रूडो को अपमानित करने के लिए ऐसा किया गया। बता दें कि इससे पहले दुनियाभर के महत्वपूर्ण नेताओं के स्वागत के लिए मोदी एयरपोर्ट पहुंचते रहे हैं।
सरकार के सूत्रों ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया और संकेत दिया कि ट्रूडो के साथ सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके साथ ही कनाडा की ओर से इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया गया कि ऐसे दौरों के पहले हिस्से में द्विपक्षीय बैठकों की सामान्य परंपरा से हटकर ट्रूडो की दिल्ली में होने वाली आधिकारिक मुलाकातों को अंत में रखा गया।
Justin Trudeau, Prime Minister Canada
सूत्रों का कहना है कि यह काफी असामान्य है कि दौरे पर आने वाले नेता की महत्वपूर्ण बातचीत को दौरे के अंत में रखा जाए। कनाडाई मीडिया में इस बात की भी चर्चा है कि मोदी के गृह राज्य गुजरात के दौरे के दौरान भी भारतीय प्रधानमंत्री ट्रूडो के साथ नहीं गए।
बता दें कि दौरे के अंत के एक दिन पहले शुक्रवार को ट्रूडो की मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता है। कनाडाई मीडिया की आलोचनाओं को निराधार बताते हुए एक अधिकारी ने कहा कि महत्वपूर्ण नेताओं को लेकर हमारे अपने पैरामीटर हैं। वहीं सूत्रों ने कहा कि ट्रूडो के गुजरात दौरे में ऐसी कुछ भी नहीं था जिसके लिए प्रधानमंत्री की उपस्थिति आवश्यक थी।