प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार पेश किया गया बजट देश को अगले 25 वर्षों तक दिशा प्रदान करने का काम करेगा। उन्होंने इसे देश को विकसित बनाने का एक रोड मैप बताया। एनडीए सांसदों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट देश के आम आदमी के सपनों को आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस बजट के बारे में जनता को जागरूक करें।
औद्योगिक संगठन फिक्की की महासचिव ज्योति विज ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वह बजट पेश किया है जो भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारें जनता का समर्थन हासिल करने के लिए लोकलुभावन योजनाएं पेश करने की कोशिश करती हैं, लेकिन इस बजट में सरकार ने जनहितकारी योजनाओं में कोई कटौती किए बिना देश को एक 'विजन' देने वाला बजट पेश किया है। इसमें सरकार की 'निर्माण, निवेश और रोजगार' को बढ़ाने वाली सोच साफ दिखाई पड़ती है। यह देश को आर्थिक मजबूती देने का काम करेगा।
ज्योति विज ने कहा कि यह बजट भी ठीक उसी दिशा में है जिस दिशा में वर्तमान सरकार पिछले 11 वर्षों से ले जाने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले कार्यकाल के पहले दिन से ही 'ईज ऑफ डूइंग, ईज ऑफ लिविंग, स्टार्ट अप इंडिया और मेक इन इंडिया' की बात करते रहे हैं। उनकी सोच में हमेशा से महिला, युवा और किसान प्राथमिकता के साथ शामिल रहे हैं। इस बजट में भी इसी वर्ग को मजबूत करने की कोशिश की गई है। सरकार ने बजट के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय किए हैं तो अलग-अलग सेक्टर में भारी संख्या में रोजगार निर्माण कराने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए राजकोषीय घाटे को कम करने की कोशिश करती रही है। इस बार बजट में इसे और कम करने का एक मजबूत संकल्प दिखाई दे रहा है। बड़ी बात यह है कि राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए जनहित की कल्याणकारी योजनाओं में कोई कटौती भी नहीं की गई है। निःसंदेह यह सरकार की मजबूत इरादों वाली छवि को मजबूत करता है।
ज्योति विज का मानना है कि केंद्र सरकार ने लगातार मूलभूत ढांचे को मजबूत करने, सड़क-रेल और वायु परिवहन को मजबूत बनाने और देश के अंदर सभी प्रकार की वस्तुओं के निर्माण को बढ़ावा देने का काम किया है। कोरोना काल जैसी आपात स्थिति में भी यदि देश की सप्लाई चेन प्रभावित नहीं होने पाई तो इसके पीछे सरकार की इसी कोशिश को श्रेय दिया जा सकता है।
सरकार ने देश के कृषि, चमड़ा, पशुपालन जैसे पारंपरिक व्यवसायों को आगे बढ़ाने का काम किया है, एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने का काम किया है तो साथ ही साथ क्लाउड स्टोरेज, चिप निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देकर भविष्य के बाजार पर भी अपनी दृष्टि जमा कर रखी है। पर्यटन और स्वास्थ्य सेक्टर को सरकार ने जिस तरह प्राथमिकता से लिया है और इन सेक्टरों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने की सोच दिखाई है, उससे आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलना तय है।