कोलकाता की एक रैली के दौरान नजर आई विपक्षी एकता से बेपरवाह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को इसे भ्रष्टाचार, नकारात्मकता और अस्थिरता का गठबंधन करार देकर खारिज कर दिया और कहा कि इन दलों के पास धनशक्ति है जबकि भाजपा के पास जनशक्ति है।
उन्होंने कहा कि संविधान पर काफी शोध करने के बाद हमने आर्थिक रूप से कमजोर तबके लिए 10 फीसद आरक्षण की व्यवस्था की। विपक्ष ने सामाजिक अन्याय को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया। जब हमने किया तो वे भौंचक्के रह गए।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि यदि हमारे फैसले में ताकत नहीं होती तो ये इन लोगों की रात की नींद नहीं उड़ी होती। उन्हें अब मैदान में उतरकर झूठ फैलाना पड़ रहा है। इसका मतलब है कि हमने सही काम किया और देश के लिए काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि 10 फीसद के सामान्य वर्ग कोटा को लागू करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। वह वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से महाराष्ट्र के कोल्हापुर, हतकाननांगले, मधा और सतारा तथा दक्षिण गोवा के लोकसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्र स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी के साथ नाइंसाफी न हो तथा अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण जस का तस रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर काम किया है और 'सबका साथ, सबका विकास' हमारे कार्यशैली के केंद्र में रहा है।
चुनाव को लेकर नहीं दिया आरक्षण, संभावित हार से डरा विपक्ष
मोदी ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैंने चुनाव को ध्यान में रखकर यह फैसला किया तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि देश में कब चुनाव नहीं होता है। यदि मैंने तीन महीने पहले किया होता तो वे कहते कि मैंने पांच राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखकर किया। उससे पहले करता तो वे कहते कि मैंने कर्नाटक चुनाव के लिए किया, उससे पहले वे कहते मैंने गुजरात चुनाव में फायदे के लिए ऐसा किया।
मोदी ने कहा कि विपक्ष को आगामी चुनावों में हार नजर आ रही है। ऐसे में वह अपनी हार से पहले बहाना ढूंढ रहा है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को बदनाम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आपने जरुर देखा होगा कि मंच पर आसीन नेताओं में एक ने बोफोर्स घोटाले को याद किया।
उन्होंने कहा कि सच्चाई को छिपाकर नहीं रखा जा सकता। विपक्ष का महागठबंधन भ्रष्टाचार, नकारात्मकता और अस्थिरता का गठबंधन है। विपक्ष के पास धनशक्ति हैं, और हमारे पास जनशक्ति है।