प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आजादी के बाद पहली बार भ्रष्टाचारियों को काला धन लेने-देने में डर लग रहा है। वे पकड़े जाने से डरने लगे हैं। पहले जो कालाधन समानांतर अर्थव्यवस्था का हिस्सा था, नोटबंदी के बाद मुख्यधारा में पहुंच गया। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि बेनामी संपत्ति का पता लगाने में आधार को औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
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एक मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों तक सेवा पहुंचाने और उसमें चोरी रोकने में आधार की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह पूरा तंत्र अब बेनामी संपत्ति को पकड़ने के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन देश के पास तकनीक और हर धन के लेन-देन की डिजिटल जानकारी होगी। संगठित भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। कालेधन को रोकने के लिए उठाए गए नोटबंदी जैसे फैसलों के संदर्भ में उन्होंने आगे कहा कि देश की बेहतरी के लिए वे हर राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार हैं। उन्हें कोई डिगा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद मिले डाटा से भी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को पकड़ने में सरकार को मदद मिल रही है।
यूपीए सरकार पर किए हमले
पीएम मोदी
मोदी ने पूर्व की यूपीए सरकार पर भी हमले का मौका नहीं छोड़ा। कहा, जब 2014 में एनडीए सत्ता में आई उसे बेकार राजकोष, बैंकिंग सिस्टम, अर्थव्यवस्था और शासन की विरासत मिली। उस वक्त भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार था। मैं जानता हूं कि कोई जादू इस देश को बदल नहीं सकता, पर हम बिना कुछ किए बैठ नहीं सकते। जो लोग कुछ करते नहीं वह उदासी की भावना से भर जाते हैं। यह दृष्टिकोण उन्हें जोखिम लेने से रोकता है। मोदी ने कहा, पिछले 70 साल में लोग तंत्र से लड़ते थे। तंत्र विकास और सफलता में बाधक था।
मेरा प्रयास है कि लोगों का तंत्र के साथ संघर्ष खत्म होना चाहिए और जीवन आसान होना चाहिए। हमने सिर्फ एईडी बल्ब लगाने की योजना से देश के 14 हजार करोड़ रुपये बचा लिए। पिछली सरकारों को ऐसे कदम उठाने से किसी ने रोका नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास को प्राथमिकता देने वाला तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह तंत्र भ्रष्टाचार मुक्त और नागरिक केंद्रित होगा। उन्होंने कहा, मैंने मध्यम वर्ग के वोटबैंक को अगले 50 साल के लिए सुरक्षित बना दिया है।
देश की तरक्की की कहानियों पर ध्यान दे मीडिया
पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की बात दोहराते हुए आग्रह किया कि मीडिया नकारात्मकता छोड़े और सकारात्मक विकास पर ध्यान दे, जिससे देश को दिशा मिल सके। मोदी ने कहा, कलाम ने कुछ साल पहले कहा था कि हमारी मीडिया इतनी नकारात्मक क्यों है? ये मेरे शब्द नहीं हैं। उन्होंने (कलाम ने) कहा था, यह भारत में क्यों है? हम अपनी क्षमता और उपलब्धियों पर शर्मिंदा क्यों हैं? हम महान देश हैं। हमारे पास सफलता की कई कहानियां हैं। फिर भी हम उन्हें कुबूलने से इनकार करते हैं? ऐसा क्यों है?
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया किबदलाव लाने के लिए मीडिया अपने न्यूजरूम और सेमिनार में मुद्दों पर बहस करे। मैं मीडिया से आग्रह करता हूं कि वह दृढ़ हो और दूसरों को प्रेरित करे। जैसे आपने स्वच्छ भारत अभियान में सक्रिय भूमिका अदा की। वैसे ही देश को दिशा देने में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।