प्रधानमंत्री मोदी ने 3 दिसंबर को मुरादाबाद रैली में कैश-लेस अर्थव्यवस्था के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए एक व्हाट्सऐप वीडियो का जिक्र किया था। इस वीडियो के जरिए उन्होंने लोगों को एक भिखारी के बारे में बताया जो भीख मांगने के लिए स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता है। हालांकि पीएम मोदी ने साथ में यह भी कहा “मुझे नहीं पता ये कितना सच है।”
पीएम मोदी के जिक्र के बाद मीडिया ने इस वीडियो में दिखने वाले भिखारी की तलाश शुरू कर दी जो स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता था। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में यह वीडियो हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया वीडियो निकला, जिसे संभवत: पीएम मोदी सच मान बैठे।
यह वीडियो प्राइवेट कंपनी न्यूमरो ग्राफिक क्रिएटिव सलुशंस प्राइवेट लिमिटेट ने नवंबर 2013 में अपनी कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया था। इस वीडियो को 16 जनवरी 2016 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद से अबतक इसे 76 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
कंपनी की सह-संस्थापक कुलप्रीत कौर ने बताया, 'यह एक प्रोमोशनल वीडियो था, जिसे हमने बनाया था। हमने वीडियो शूट करने के लिए भिखारी को स्वाइप मशीन दी थी। ।' इस वीडियो में जो महिला दिख रही हैं वो कुलप्रीत कौर ही हैं।