अब सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, संसद और राजनीतिक मंचों पर जो नेता आमतौर पर एक-दूसरे की नीतियों और कार्यशैली की आलोचना करते रहे हैं, वे कई मौकों पर साथ आकर एकता का भी संदेश देते रहे हैं। पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं, जब प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी के बीच कुछ इसी तरह का मेल-मिलाप देखने को मिलता रहा है। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ मौके...
9 अगस्त 2024: जब लोकसभा सत्र के बाद चाय पर हुई बैठक
मौका था संसद सत्र के समापन का। इसके बाद एक अनौपचारिक चाय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और गर्मजोशी से नमस्ते किया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से यूक्रेन की स्थिति के बारे में पूछा, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत इस पर कड़ी नजर रख रहा है।
26 जून 2024: जब लोकसभा स्पीकर को आसन तक छोड़ने के लिए साथ आए पीएम मोदी-राहुल गांधी
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार चुनकर आए तो राहुल गांधी भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष चुने जा चुके थे। 26 जून 2024 वह मौका था, जब लोकसभा में स्पीकर का चुनाव होना था। जब सदन ने ओम बिरला को एक बार फिर लोकसभा का अध्यक्ष चुन लिया तब पीएम मोदी, राहुल गांधी स्पीकर बिरला को अध्यक्षीय आसन तक लेकर गए। इस दौरान ओम बिरला से हाथ मिलाने के बाद पीएम मोदी और राहुल गांधी ने एक-दूसरे से भी हाथ मिलाया।
20 जुलाई, 2018: संसद में चर्चित गले लगाने की घटना
भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित क्षणों में से एक तब आया जब लोकसभा में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। राहुल गांधी सरकार की आलोचना करने के बाद अपनी सीट से उठकर सीधे प्रधानमंत्री मोदी के पास गए और उनके सीट पर बैठे रहने के दौरान ही पीएम को गले लगा लिया। प्रधानमंत्री पहले तो हैरान रह गए, लेकिन फिर उन्होंने राहुल को वापस बुलाकर हाथ मिलाया और बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने बाद में इस घटना को याद करते हुए मजाक में कहा कि मैं यहां (लोकसभा) आया और कई चीजें सीखीं। पहली बार मैंने गले लगाने और गले पड़ने में फर्क भी समझा।
16 दिसंबर 2016: कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को लेकर पीएम से मिले राहुल
पीएम मोदी और राहुल गांधी की ऐसी ही एक मुलाकात 16 दिसंबर 2016 को भी हुई, जब कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिलने पहुंचा। इसका नेतृत्व खुद राहुल कर रहे थे। बताया जाता है कि प्रतिनिधिमंडल ने पीएम के सामने किसानों की कर्ज माफी से लेकर एमएसएपी और बिजली बिल कम करने का मुद्दा उठाया था। तब इस प्रतिनिधिमंडल में मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर गुलाम नबी आजाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया, अमरिंदर सिंह, रवनीत सिंह बिट्टू और राज बब्बर तक शामिल थे। इनमें से अमरिंदर सिंह, सिंधिया और बिट्टू अब भाजपा में हैं। सिंधिया और बिट्टू मोदी कैबिनेट का भी हिस्सा हैं। वहीं, आजाद अपनी पार्टी बना चुके हैं।
शपथ ग्रहण समारोह (2014 और 2019)
2014 शपथ ग्रहण: राहुल गांधी और सोनिया गांधी राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पीएम मोदी के पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।
2019 शपथ ग्रहण: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान भी राहुल गांधी अतिथि के रूप में वहां मौजूद थे।
संविधान दिवस और संसदीय कार्यक्रम
संविधान दिवस (26 नवंबर): संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम।
विदाई समारोह: राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के कार्यकाल समाप्त होने पर आयोजित विदाई कार्यक्रमों के दौरान।
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