भारत और यूरोपीय देश बेल्जियम के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। राजकुमारी एस्ट्रीड से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, वे इस बात की सराहना कहते हैं कि उन्होंने 300 सदस्यीय आर्थिक मिशन को भारत दौरे पर लाने की पहल की। बेल्जियम की राजकुमारी के अलावा पीएम मोदी ने विदेश और रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात में कई और अहम मुद्दों पर भी बात हुई। दोनों देश व्यापक रक्षा सौदा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राजकुमारी एस्ट्रिड ने 2013 की अपनी भारत यात्रा को भी याद किया। एस्ट्रिड ने कहा, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कवि रवींद्रनाथ टैगोर के शब्द हमें प्रेरित करते रहते हैं।
साझेदारी पर पीएम मोदी ने दिया बयान
बेल्जियम के साथ रिश्ते पर पीएम मोदी ने कहा, भारत और बेल्जियम व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, कृषि, नवाचार, कौशल और शैक्षणिक आदान-प्रदान में नई साझेदारियों के माध्यम से नागरिकों के लिए असीमित दरवाजे खोलने के लिए तत्पर हैं।
बेल्जियम बढ़ाएगा भारत के साथ रक्षा सहयोग : फ्रैंकेन
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन ने कहा कि आज की दुनिया में पहले से ज्यादा सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए बेल्जियम जल्द ही भारत में अपने दूतावास में सैन्य राजदूत नियुक्त करेगा। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए भारत-बेल्जियम के बीच रक्षा समझौते की योजना की घोषणा की।
उन्होंने कहा, यह एक बहुत अच्छी बैठक रही। हम और अधिक समझौते करेंगे, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे और मेक इन इंडिया का समर्थन करेंगे। भारत एक खूबसूरत देश है, जो तकनीकी रूप से बहुत सक्षम है, और बेल्जियम को भी अपने रक्षा क्षेत्र को भारत की तरह मजबूत करने की जरूरत है। वहीं, फ्लैंडर्स (बेल्जियम का एक क्षेत्र) के मंत्री-प्रधान मैथियास डाइपेंडा ने भी भारत और बेल्जियम के बीच गहरे तालमेल की बात करते हुए कहा कि बेल्जियम के पास भारत की कई चुनौतियों के समाधान हैं, जैसे कचरा प्रबंधन और जल प्रबंधन। वहीं, भारत भी बेल्जियम की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकता है, क्योंकि यहां का कार्यबल बहुत कुशल है, खासकर डिजिटल तकनीक में।
बेल्जियम डिफेंस अताशे नियुक्त करेगा
भारत के साथ समझौते को लेकर रक्षा मंत्री फ्रेंकेन ने कहा, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का विस्तार करने के अपार अवसर हैं। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने हमें दिल्ली और ब्रसेल्स में टास्क फोर्स बनाने तथा साल के अंत से पहले समझौते को अंतिम रूप देने को कहा है। विदेश मंत्री प्रीवोट ने कहा, जल्द ही नई दिल्ली स्थित दूतावास में बेल्जियम डिफेंस अताशे नियुक्त करेगा, जो भारतीय सेना और रक्षा उद्योग के बीच एकल संपर्क बिंदु के रूप में काम करेगा।
बेल्जियम ने भारत के सामने अमेरिका और यूक्रेन का उल्लेख नहीं किया
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की। प्रीवोट ने कहा, बेल्जियम यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेगा। दुनिया की कुछ ताकतें हमलावर और पीड़ित देश को एक ही पायदान पर रखने की कोशिश करें, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान बेल्जियम ने अमेरिका और यूक्रेन के बीच की वर्तमान स्थिति का उल्लेख नहीं किया।
बेल्जियम के विदेश और रक्षा मंत्री ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की
समग्र द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों का विस्तार करने के प्रयासों के तहत बेल्जियम की सरकार भारत में अपने दूतावास में एक सैन्य अताशे की नियुक्ति भी करेगा। यह घोषणा राजकुमारी एस्ट्रिड, विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट और रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकेन के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के तत्काल बाद की गई।
उच्च स्तरीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व कर रही हैं प्रिंसेज एस्ट्रिड
बेल्जियम की राजकुमारी ने कहा कि एक संतुलित एवं समावेशी वैश्विक व्यवस्था के लिए बेल्जियम भारत की आकांक्षाओं का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में गहन द्विपक्षीय भागीदारी का आह्वान भी किया। बता दें कि एस्ट्रिड भारत में एक उच्च स्तरीय आर्थिक मिशन का नेतृत्व कर रही हैं। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है।
भारत के कई क्षेत्रों में बेल्जियम की कंपनियों के लिए बड़ा अवसर
उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह के साजो-सामान, उच्च प्रौद्योगिकी, रक्षा और जीवन विज्ञान जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बेल्जियम की कंपनियों के लिए बड़ा अवसर है। राजकुमारी ने कहा कि भारत का आधुनिकीकरण आर्थिक विकास से कहीं अधिक है। भारत अपनी पहचान को बनाए रखते हुए 'भविष्य को गले लगाता' है। बेल्जियम और यूरोप इस बदलाव का समर्थन करते हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार में विशेषज्ञता के साथ सहयोग करने पर यूरोप और बेल्जियम दोनों को गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत की रणनीतिक भूमिका को बेल्जियम ने स्वीकार किया
पीएम मोदी ने मुलाकात के बाद राजकुमारी एस्ट्रिड ने कहा कि भारतीय व्यवसायों को यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच प्रदान करने में बेल्जियम की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका को बेल्जियम स्वीकार करता है।