भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते रिश्तों को अब संस्कृति का मजबूत सहारा मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि भारत में K-पॉप और K-ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-कोरिया मैत्री महोत्सव आयोजित करने का बड़ा एलान किया है। इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कोरियाई मनोरंजन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वहीं कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान भी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच रिश्तों को और गहरा बना रहा है।
के-पॉप और कोरियाई-ड्रामा भारत में तेजी से बढ़ रहे?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत में के-पॉप और कोरियाई-ड्रामा बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। युवाओं के बीच इनकी खास पकड़ है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस लोकप्रियता को और बढ़ाया है। इससे यह साफ होता है कि कोरियाई संस्कृति अब भारतीय समाज में तेजी से अपनी जगह बना रही है।
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भारत-कोरिया मैत्री महोत्सव का एलान
पीएम मोदी ने घोषणा की कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-कोरिया मैत्री महोत्सव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली भी भारतीय सिनेमा को पसंद करते हैं और इस तरह के आयोजन से दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव और मजबूत होगा।
क्या दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध भी हैं?
प्रधानमंत्री ने भारत और कोरिया के बीच पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरिरत्ना की कहानी बताई, जो कोरिया जाकर राजा किम सुरो से विवाह करती हैं। कोरिया में उन्हें रानी ह्यो ह्वांग-ओक के नाम से जाना जाता है। यह कहानी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक मानी जाती है।
क्या कोरियाई मनोरंजन का वैश्विक असर बढ़ रहा है?
के-पॉप और कोरियाई ड्रामा अब पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुके हैं। बीटीएस, ब्लैकपिंक और अन्य ग्रुप्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई है। इनका प्रभाव भारत में भी तेजी से बढ़ा है। इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत हुआ है। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यह बढ़ता सांस्कृतिक रिश्ता अब कूटनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी असर डाल रहा है। आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच समझ और सहयोग बढ़ेगा।
सहयोग से विकास और समृद्धि को मिलेगा बढ़ावा: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स डायलॉग ने दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी की अपार संभावनाओं को उजागर किया है। यह संभावनाएं अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इस संवाद का मुख्य फोकस आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना, भविष्य के लिए तैयार सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए अवसर पैदा करना रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स डायलॉग ने हमारी आर्थिक साझेदारी की विशाल संभावनाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उजागर किया है। हमारा सहयोग दोनों देशों में विकास और समृद्धि ला सकता है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यांग के साथ दोनों देशों के उद्योग जगत की हस्तियां भी शामिल हुए।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत और दक्षिण कोरिया ने 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें औद्योगिक सहयोग ढांचा तैयार करने और स्टील आपूर्ति श्रंखला को मजबूत करने जैसे समझौते शामिल हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलेगी। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, जहाज निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने रविवार से भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
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