प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आसियान और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को लाओस के लिए रवाना होंगे। दो दिवसीय लाओस दौरे से पहले मंगलवार रात मोदी ने कहा कि भारत दक्षिण एशियाई देशों के साथ फिजिकल और डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने का इच्छुक है।
साथ ही परस्पर लाभ के लिए आधुनिक समय में आपस में जुड़ी दुनिया का उपयोग करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दरअसल, भारत के दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ संबंध ऐतिहासिक हैं।
बुधवार से शुरू हो रहे अपने दौरे से पहले मोदी ने एक बयान में कहा, ‘आसियान हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का अहम भागीदार है, जो हमारे उत्तर पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’