फ्रांस के मायोट में इस समय चक्रवात चिडो का कहर जारी है। यहां भारी तबाही मची हुई है। इस खतरनाक चक्रवात की वजह से सैकड़ों लोग मारे गए हैं। प्रकृति के कहर से सब अस्त-व्यस्त हो गया है। इस तबाही पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। उन्होंने हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
पीएम ने जताया दुख
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'मायोट में चक्रवात चिडो के कारण हुई तबाही से मैं बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।'
एकजुटता के साथ खड़े...
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में फ्रांस इस त्रासदी से दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ उबर जाएगा। भारत फ्रांस के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।'
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तबाही में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। शायद ये संख्या करीब एक हजार हो सकती है या उससे ज्यादा भी पहुंच सकती है।'
कई सालों बाद सबसे भयंकर चक्रवाती तूफान
बता दें, ये (चिडो) 90 साल में मायोट में आया सबसे भयंकर चक्रवाती तूफान है। एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार को मायोट में आए भीषण चक्रवात के कारण हुई मौतों और घायलों की सटीक संख्या का पता लगाना बहुत कठिन है। चक्रवात की वजह से एयरपोर्ट सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
चक्रवात चिडो की वजह से कई इलाके तबाह हो गए हैं। बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। फ्रांस ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 140 नागरिक सुरक्षा सैनिकों और अग्निशमन कर्मियों सहित अतिरिक्त बल भेजे हैं। ये चक्रवात दक्षिणपूर्वी हिंद महासागर से गुजरा, जिसका असर कोमोरोस और मेडागास्कर पर भी पड़ा है। मायोट सीधे चक्रवात के रास्ते में आ गया। इस वजह से यहां भारी नुकसान हुआ