प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगरतला में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा भी मौजूद रहे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगरतला में रोड शो किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के लिए 'गृह प्रवेश' कार्यक्रम शुरू किया। 3400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित इन घरों में 2 लाख से अधिक लाभार्थी शामिल होंगे।
इस दौरान PM नरेंद्र मोदी नें कहा कि मैं त्रिपुरा के लोगों का अभिनंदन करता हूं कि आप सबके प्रयास से यहां स्वच्छता से जुड़ा बहुत बड़ा अभियान आपने चलाया है। बीते 5 वर्षों में आपने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया है। इसी का परिणाम है कि इस बार त्रिपुरा छोटे राज्यों में देश का सबसे स्वच्छ राज्य बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि आज त्रिपुरा को अपना पहला डेंटल कॉलेज मिला है। इससे त्रिपुरा के युवाओं को यहीं पर डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। आज त्रिपुरा के 2 लाख से अधिक गरीब परिवार अपने नए पक्के घर में गृहप्रवेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने से पहले तक सिर्फ 2 बार त्रिपुरा की नॉर्थ ईस्ट की चर्चा होती थी। एक जब चुनाव होते थे और दूसरा जब हिंसा की घटना होती थी। आज त्रिपुरा की चर्चा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए होती है। डबल इंजन सरकार सिर्फ फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही नहीं बल्कि सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दे रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि त्रिपुरा के जरिए अब नॉर्थ ईस्ट इंटरनेशनल ट्रेड का भी एक गेटवे बन रहा है। अगरतला अखौरा रेलवे लाइन से व्यापार का नया रास्ता खुलेगा। इसी तरह भारत, थाइलैंड, म्यामांर हाइवे रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए नॉर्थ ईस्ट दूसरे देशों के साथ संबंधों का द्वार भी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व में 7000 से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जबकि अकेले त्रिपुरा में 1,000 से अधिक आ रहे हैं। ये केंद्र मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हजारों रोगियों की जांच करने में मदद करेंगे।
उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार ने सबसे पहले आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट की व्यवस्था की। जबसे आपने दिल्ली में हमें अवसर दिया है, तबसे जनजातीय समुदाय से जुड़े हर मुद्दे को हमने प्राथमिकता दी है। आज डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि त्रिपुरा के छोटे किसानों, छोटे उद्यमियों और सबको बेहतर अवसर मिले। यहां का लोकल कैसे ग्लोबल बने इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।