इंडियन फार्मास्यूटिकल एलायंस ने आज अपने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में हेल्थकेयर इंटस्ट्री में वृद्धि और इसके रोडमैप को लेकर चर्चा हुई। ये बैठक 1 जनवरी 2020 को हुई थी। बैठक में फोकस इस बात पर था कि किस तरह रिसर्च व डेवलपमेंट, नए इकोसिस्टम और उच्च स्तर की दवाओं और वैश्विक प्रतियोगी वातावरण के जरिए इस उद्योग को मजबूत किया जाए।
बयान में कहा गया कि फार्मेसी में वैश्विक स्तर पर भारत की भागीदारी करीब 20 फीसदी है। बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि मेडटेक और हॉस्पिटल सेक्टर में वृद्धि की संभावनाओं के मद्देनजर इस उद्योग को अगले स्तर पर किस तरह ले जाया जाए। हालांकि इसमें फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग के लिए एकसमान कोड के तौर तरीकों पर कोई चर्चा नहीं हुई।
इस बैठक में डॉ. रेड्डी के सतीश रेड्डी, पिरामल ग्रुप के अजय पिरामल, कैडिला हेल्थकेयर के पंकज पटेल और डॉ. राजीव मोदी, सन फार्मा के दिलीप सांघवी, वोकहार्ड के डॉ. हबील खोराकीवाला, टोरेंट के सुधीर मेहता, मेडटेक के पवन चौधरी और अपोलो अस्पताल की शोभना शामिल थीं।
बता दें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हाल ही में हुई एक बैठक में दवा कंपनियों पर लगे गलत आचरण के आरोपों को लेकर पीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा था।