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वैक्सीन को लेकर फैलने वाली अफवाहों से पीएम मोदी ने किया आगाह, बोले- गलत जानकारी सोशल मीडिया पर न करें शेयर

Thu, 31 Dec 2020 12:19 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के राजकोट में एम्स की आधारशिला रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नया साल 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है, भारत में वैक्सीन को लेकर हर जरूरी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद देश में बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने पहले कहा था कि जबतक दवाई नहीं तबतक ढिलाई नहीं। अब हमारा नया मंत्र है दवाई भी और कड़ाई भी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैक्सीन आने का मतलब ये नहीं है की लापरवाही बरती जाए।  उन्होंने कहा कि हमारे देश में अफवाहें तेजी से फैलती हैं। टीकाकरण शुरू होते ही अफवाहें फैलाई जाएंगी। उन्होंने देशवासियों से अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर बिना जांच के किसी मैसेज को फॉरवर्ड करने से बचने की अपील की। यहां पढ़ें उनके संबोधन की मुख्य बातें- 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter
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लाइव अपडेट

11:56 AM, 31-Dec-2020

अफवाहों को लेकर सावधान रहें

  • मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई एक अज्ञात दुश्मन के खिलाफ है। इस तरह की अफवाहों को लेकर सावधान रहें और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सोशल मीडिया पर बिना जांच किए मैसेज फॉरवर्ड करने से परहेज करें।
  • हमारे देश में, अफवाहें तेजी से फैलती हैं। अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए या गैर-जिम्मेदार व्यवहार के कारण विभिन्न लोग विभिन्न अफवाहें फैलाते हैं। शायद टीकाकरण शुरू होने पर अफवाहें फैलाई जाएंगी, कुछ पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
  • पिछले 6 वर्षों में, एमबीबीएस में 31,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं, और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 24,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं। भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों की ओर बढ़ रहा है।
  • हम भारत में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन के बाद स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।

11:54 AM, 31-Dec-2020

2021 स्वास्थ्य समाधान का वर्ष होगा

  • आज भारत में मानव जाति की सेवा करने की भावना के साथ-साथ क्षमता भी है। भारत वैश्विक स्वास्थ्य तंत्रिका-केंद्र में बदल गया है।
  • भारत ने मांग के अनुसार अनुकूलन, विकास और विस्तार करने की अपनी क्षमता साबित की है। हम दुनिया के साथ आगे बढ़े, सामूहिक प्रयासों में मूल्य जोड़ा और बाकी सब चीजों से ऊपर मानवता की सेवा की।
  • यदि 2020 स्वास्थ्य चुनौतियों का वर्ष था, तो 2021 स्वास्थ्य समाधान का वर्ष होगा।
  • आज हेल्थ और वैलनेस को लेकर देशभर में एक सतर्कता आई है, गंभीरता आई है। 
  • शहरों के साथ ही दूर-दराज के गांवों में भी ये सतर्कता हम देख रहे हैं।

11:52 AM, 31-Dec-2020

दवाई भी और कड़ाई भी

  • यहां दुनिया को मास इम्युनिजाइजेशन का एक्सपीरियंस भी मिलेगा और एक्परटीस भी मिलेगी। यहां दुनिया को हेल्थ सॉल्यूशन और टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट करने वाले स्टार्टअप और स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मिलेगा
  • भारत फ्यूचर ऑफ हेल्थ और हेल्थ ऑफ फ्यूचर दोनों में ही सबसे महत्वपूर्ण रोल निभाने जा रहा है। जहां दुनिया को कॉम्पेटेंट मेडिकल प्रोफेशनल्स भी मिलेंगे, उनका सेवाभाव भी मिलेगा।
  • इससे पहले मैंने कहा था 'दवाई नहीं तो ढिलाई नहीं।' अब मैं कह रहा हूं 'दवाई भी और कड़ाई (सावधानी) भी'। वर्ष 2021 के लिए हमारा मंत्र है 'दवाई भी और कड़ाई भी।'

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11:48 AM, 31-Dec-2020

सस्ती दवाओं के कारण गरीबों के बच रहे हैं 3600 करोड़ रुपये

  • हमने जहां गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया। वहीं इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो। सस्ती दवाओं की वजह से गरीबों के हर साल औसतन 3600 करोड़ रुपये खर्च होने से बच रहे हैं।
  • 2014 से पहले हमारा हेल्थ सेक्टर अलग-अलग दिशा में, अलग-अलग अप्रोच के साथ काम कर रहा था। प्राइमरी हेल्थ केयर का अपना अलग सिस्टम था, गांव में सुविधाएं न के बराबर थी।

11:44 AM, 31-Dec-2020

हमने गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया

  • हम भारत में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन के बाद, स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।
  • हमने जहां गरीब का इलाज पर होने वाला खर्च कम किया। वहीं इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो।
  • हमने हेल्थ सेक्टर में होलिस्टिक तरीके से काम शुरू किया। हमने जहां एक तरफ प्रिवेंटिव केयर पर बल दिया, वहीं इलाज की आधुनिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी।
  • भारत में मातृ मृत्यु दर अतीत की तुलना में बहुत कम हो गई है। परिणाम पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है- कार्यान्वयन और प्रभाव दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। व्यवहार प्रतिमानों में व्यापक बदलाव लाने के लिए, हमें प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए।

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11:41 AM, 31-Dec-2020

जनऔषधि केंद्र बीमारी के दौरान गरीब लोगों के दोस्त हैं

  • बड़े अस्पतालों पर दबाव से आप भी परिचित हैं। स्थिति ये थी कि आजादी के इतने दशकों के बाद भी सिर्फ 6 एम्स बन पाए थे। 2003 में अटल जी की सरकार ने 6 और एम्स बनाने के लिए कदम उठाए थे। उनके बनते-बनते 2012 आ गया। यानी 9 साल लग गए।
  • जनऔषधि केंद्र बीमारी के दौरान गरीब लोगों के दोस्त भी हैं। पूरे देश में इस तरह के 7,000 से अधिक केंद्र लोगों को 90% सस्ती दवाएं प्रदान करते हैं। 3.5 लाख से अधिक गरीब मरीज दैनिक आधार पर इन केंद्रों का उपयोग करते हैं।
  • आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है।

11:40 AM, 31-Dec-2020

पिछले छह वर्षों में, 10 नए एम्स पर काम शुरू हुआ

  • मेडिकल सेक्टर में गुजरात की सफलता के पीछे 2 दशकों का अनवरत प्रयास है, समर्पण और संकल्प है। बीते 6 सालों में इलाज और मेडिकल एजुकेशन को लेकर जिस स्केल पर काम हुआ है, उसका निश्चित लाभ गुजरात को भी मिल रहा है।
  • बीते 6 वर्षों में हम 10 नए एम्स बनाने पर काम शुरू कर चुके हैं, जिनमें से कई आज पूरी तरह से काम करने लगे हैं। एम्स के साथ ही देश में 20 एम्स जैसे सुपर स्पैशिलिटी हॉल्पिटल्स पर भी काम किया जा रहा है।

11:36 AM, 31-Dec-2020

भारत ने एकजुटता के साथ प्रभावी कदम उठाए

  • साल 2020 में संक्रमण की निराशा थी, चिंताएं थी, चारों तरफ सवालिया निशान थे। लेकिन 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है। वैक्सीन को लेकर भारत में हर जरूरी तैयारियां चल रही हैं।
  • मुश्किल भरे इस साल ने दिखाया है कि भारत जब एकजुट होता है तो मुश्किल से मुश्किल संकट का सामना वो कितने प्रभावी तरीके से कर सकता है।

11:28 AM, 31-Dec-2020

भारत का रिकॉर्ड दुनिया से बहुत बेहतर रहा है

  • कोरोना से पीड़ित साथियों को बचाने का भारत का रिकॉर्ड दुनिया से बहुत बेहतर रहा है। वहीं अब संक्रमण के मामले में भी भारत अब लगातार नीचे की तरफ जा रहा है।
  • भारत ने एकजुटता के साथ समय पर प्रभावी कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जिस देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोग हों, घनी आबादी हो। वहां करीब 1 करोड़ लोग इस बीमारी से लड़कर जीत चुके हैं।
  • इसलिए साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों डॉक्टर्स, हेल्थ वॉरियर्स, सफाई कर्मियों, दवा दुकानों में काम करने वाले, और दूसरे फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है। कर्तव्य पथ पर जिन साथियों ने अपना जीवन दे दिया है, उन्हें मैं सादर नमन करता हूं।

11:25 AM, 31-Dec-2020

2020 में हमें कई सवालों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा

  • भारत ने एकजुटता से साथ जिस प्रकार सही समय पर कदम उठाए, उसी का परिणाम है कि आज हम बेहतर स्थिति में हैं।
  • भारत हर कदम पर वैक्सीन के लिए तैयार हो रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम को लागू करने की तैयारी कर रहा है।
  • स्वास्थ्य पर चोट होती है तो जीवन का हर पहलू बुरी तरह प्रभावित होता है।
  • इसलिए साल का ये अंतिम दिन भारत के लाखों डॉक्टर्स, हेल्थ वॉरियर्स, सफाई कर्मियों और दूसरे फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को याद करने का है, जो मानवता की रक्षा के लिए लगातार अपने जीवन को दांव पर लगा रहे हैं।

11:23 AM, 31-Dec-2020

स्वास्थ्य ही संपदा है

  • 'स्वास्थ्य ही संपदा है' वर्ष 2020 ने हमें यह अच्छी तरह से सिखाया है। यह चुनौतियों से भरा वर्ष रहा है।
  • साल 2020 को एक नई नेशनल हेल्थ फेसिलिटी के साथ विदाई देना, इस साल की चुनौती को भी बताता है और नए साल की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।
  • नया साल दस्तक दे रहा है। आज देश के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली एक और कड़ी जुड़ रही है। राजकोट में एम्स के शिलान्यास से गुजरात सहित पूरे देश के स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन को बल मिलेगा।

10:54 AM, 31-Dec-2020

कोरोना वैक्सीन को लेकर फैलने वाली अफवाहों से पीएम मोदी ने किया आगाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गुजरात के राजकोट में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखी। इसमें एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 125 और नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए 60 सीट होंगी।
 

 

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