प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज को गुजरात के केवडिया में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ने वाली आठ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। ये ट्रेनें केवड़िया (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) से वाराणसी, दादर, अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन, रीवा, चेन्नई और प्रतापनगर को जोड़ेंगी। देशवासियों को संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि केवड़िया की पहचान एक भारत-श्रेष्ठ भारत का मंत्र देने वाले सरदार पटेल से होती है। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने वालों की संख्या स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से ज्यादा है। इन ट्रेनों के जरिए केवड़िया के आदिवासी भाई-बहनों को रोजगार मिलेगा। यहां पढ़ें प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें-
09103/04 केवडिया-वाराणसी महामना एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
2927/28 दादर-केवडिया एक्सप्रेस (दैनिक)
09247/48 अहमदाबाद-केवडिया जनशताब्दी एक्सप्रेस (दैनिक)
09145/46 निजामुद्दीन-केवडिया संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (द्वि-साप्ताहिक)
09105/06 केवडिया-रीवा एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
09119/20 चेन्नई-केवडिया एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
09107/08 प्रतापनगर-केवडिया मेमू ट्रेन (दैनिक)
09109/10 केवडिया-प्रतापनगर मेमू ट्रेन (दैनिक)
11:54 AM, 17-Jan-2021
रेलवे के पूरे तंत्र में व्यापक बदलाव किया गया है
आजादी के बाद हमारी ज्यादातर ऊर्जा पहले की रेल व्यवस्था को सुधारने में लगी रही। उस दौरान नई सोच और नई तकनीक पर फोकस कम रहा। ये अप्रोच बदली जानी बहुत जरूरी थी, इसलिए बीते सालों में देश में रेलवे के पूरे तंत्र में व्यापक बदलाव करने के लिए काम किया गया। ये काम सिर्फ बजट बढ़ाना, घटाना, नई ट्रेनों की घोषणा करने तक सीमित नहीं रहा। ये परिवर्तन अनेक मोर्चों पर एक साथ हुआ है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए अब स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पर्यटक पहुंचने लगे हैं। अपने लोकार्पण के बाद क़रीब 50 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आ चुके हैं।
अब जैसे केवडिया को रेल से कनेक्ट करने वाले इस प्रोजेक्ट का ही उदाहरण देखें तो इसके निर्माण में मौसम और कोरोना महामारी जैसी अनेक बाधाएं आई। लेकिन रिकॉर्ड समय में इसका काम पूरा किया गया।
11:50 AM, 17-Jan-2021
केवड़िया के आदिवासी युवाओं को मिल रहा है रोजगार
पर्यटकों को घुमाने के लिए एकता क्रूज है, तो दूसरी तरफ नौजवानों को साहस दिखाने के लिए राफ्टिंग का भी इंतेजाम है। यानी बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी के लिए बहुत कुछ है।
एक तरफ आयुर्वेद और योग पर आधारित आरोग्य वन है, तो दूसरी तरफ पोषण पार्क है। रात में जगमगाता ग्लो गार्डन है, तो दिन में देखने के लिए कैक्टस गार्डन और बटरफ्लाई गार्डन है।
बढ़ते हुए पर्यटन के कारण केवड़िया के आदिवासी युवाओं को रोजगार मिल रहा है। यहां के लोगों के जीवन में तेजी से आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं।
छोटा सा खूबसूरत केवड़िया इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे प्लान तरीके से पर्यावरण की रक्षा करते हुए इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों का तेजी से विकास किया जा सकता है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध की भव्यता और विशालता का एहसास आप केवडिया पहुंचकर ही कर सकते हैं। अब यहां सैकड़ों एकड़ में फैला जूलॉजिकल पार्क है, जंगल सफारी है।
ये कनेक्टिविटी सुविधा के साथ साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगी।
11:42 AM, 17-Jan-2021
पर्यटक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है केवड़िया
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए अब स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पर्यटक पहुंचने लगे हैं। अपने लोकार्पण के बाद करीब-करीब 50 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आ चुके हैं।
आज केवड़िया गुजरात के सुदूर इलाके में बसा एक छोटा सा ब्लॉक नहीं रह गया है, बल्कि केवड़िया विश्व के सबसे बड़े पर्यटक क्षेत्र के रूप में आज उभर रहा है।
इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों को तो मिलेगा ही, साथ ही ये केवडिया के आदिवासी भाई बहनों का जीवन भी बदलने जा रही है।
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11:38 AM, 17-Jan-2021
केवड़िया देता है एक भारत-श्रेष्ठ भारत का मंत्र
आज केवड़िया के लिए निकल रही ट्रेनों में एक ट्रेन पुरैच्ची तलैवर डॉ. एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन से भी आ रही है। ये भी सुखद संयोग है कि आज भारत रत्न एमजी रामचंद्रन की जयंती भी है।
आज का ये आयोजन सही मायने में भारत को एक करती, भारतीय रेल के विजन और सरदार वल्लभ भाई पटेल के मिशन दोनों को परिभाषित कर रहा है।
केवड़िया जगह भी ऐसी है जिसकी पहचान एक भारत-श्रेष्ठ भारत का मंत्र देने वाले, देश का एकीकरण करने वाले सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार सरोवर बांध से है।
11:33 AM, 17-Jan-2021
भारतीय रेल और सरदार पटेल के विजन का हुआ संगम
आज का आयोजन सही मायने में भारत को एक करता है।
आज भारतीय रेल और सरदार पटेल के विजन का संगम हुआ है।
भारत रत्म एमजीआर के आदर्शों को पूरा करने का प्रयास।
11:29 AM, 17-Jan-2021
पहली बार इतनी ट्रेनों को दिखाई गई हरी झंडी
रेलवे के इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब एक साथ देश के अलग अलग कोने से एक ही जगह के लिए इतनी ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई हो। केवड़िया में दिख रही है एक भारत, श्रेष्ठ भारत की तस्वीर।
10:49 AM, 17-Jan-2021
पीएम मोदी ने आठ ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, कहा- भारतीय रेल और सरदार पटेल के विजन का हुआ संगम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ने वाली आठ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें आठ शहरों से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ेंगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।