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पराक्रम दिवस: अनिल विज बोले- ममता के सामने 'जय श्रीराम' कहना, सांड को लाल कपड़े दिखाने जैसा

Sat, 23 Jan 2021 10:14 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवसागर

खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के बाद पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। वे यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले दो कार्यकमों में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इस  कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहुंचीं हैं। इससे पहले ममता ने आज आठ किलोमीटर लंबी पदयात्रा की। पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश की चार राजधानी बनाए जाने का सुझाव देते हुए कहा कि दिल्ली के पास ही सबकुछ क्यों होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनाव में बंगाल की याद आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि नेताजी इतिहास नहीं बल्कि आवेग और संस्कृति हैं। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-
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अनिल विज - फोटो : पीटीआई
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लाइव अपडेट

10:08 PM, 23-Jan-2021

अनिल विज ने दिया विवादित बयान

भाजपा नेता और हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा, 'जय श्री राम का नारा ममता बनर्जी के लिए वैसा ही जैसे सांड के लिए लाल कपड़ा होता है।

09:19 PM, 23-Jan-2021

ममता जी के सम्मान में बोला गया था जय श्री राम

भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि कार्यक्रम के दौरान श्री राम का नारा से उन्हें क्या समस्या है। मुझे लगता है ममता जी के सम्मान में यह नारा लगाया था। इस तरह से आधिकारिक कार्यक्रम में विवाद करना उनकी हताशा को दिखाता है।

07:06 PM, 23-Jan-2021

चाहे आप 'जय हिंद' कहें या 'जय श्री राम', मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता

पराक्रम दिवस के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते सीके बोस ने कहा कि नेताजी एकता के लिए हमेशा खड़े रहते थे। उनके संगठन आजाद हिंद फौज में सभी समुदायों के लोग थे। चाहे आप 'जय हिंद' कहें या 'जय श्री राम', मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। 'जय श्री राम' एक ऐसा बयान नहीं है जिसमें किसी को प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

मुझे लगता है कि सीएम को किसी नारे पर प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी। चाहे वह 'जय हिंद' हो या 'जय श्री राम'। यह कोई राजनीति करने का दिन नहीं है। यह जश्न मनाने का दिन है, यह भारतीय राष्ट्रीय सेना के सैनिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि देने का दिन है।

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05:57 PM, 23-Jan-2021

नेताजी सोनार बांग्ला की भी सबसे बड़ी प्रेरणा

नेताजी, आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ ही सोनार बांग्ला की भी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। जो भूमिका नेताजी ने देश की आजादी में निभाई थी, वही भूमिका पश्चिम बंगाल को आत्मनिर्भर भारत में निभानी है।

05:54 PM, 23-Jan-2021

नेताजी जिस भी स्वरूप में हमें देख रहे हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं

नेताजी जिस भी स्वरूप में हमें देख रहे हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। जिस भारत की उन्होंने कल्पना की थी, LAC से लेकर LOC तक, भारत का यही अवतार दुनिया देख रही है। जहां कहीं से भी भारत की संप्रुता को चुनौती देने की कोशिश की गई, भारत उसका मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।

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05:52 PM, 23-Jan-2021

आजाद हिंद फौज की कैंप में मैंने झंडा फहराया

जब आजाद हिंद फौज की कैंप में मैंने लाल किले पर झंडा फहराया था, उस वक्त मेरे मन मस्तिष्क में बहुत कुछ चल रहा था। बहुत से सवाल थे, बहुत सी बातें थीं, एक अलग अनुभूति थी। मैं नेताजी के बारे में सोच रहा था, देशवासियों के बारे में सोच रहा था।

05:49 PM, 23-Jan-2021

हर भारतीय के शरीर में बहती रक्त की एक-एक बूंद नेताजी की ऋणी

पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का एक-एक व्यक्ति नेताजी का ऋणी है। 130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के शरीर में बहती रक्त की एक-एक बूंद नेताजी सुभाष की ऋणी है।

05:45 PM, 23-Jan-2021

आजाद भारत की आजाद सरकार की नींव

पीएम मोदी बोले कि नेताजी ने संकल्प था भारत की जमीन पर आजाद भारत की आजाद सरकार की नींव रखेंगे। नेताजी ने अपना ये वादा भी पूरा करके दिखाया। उन्होंने अंडमान में अपने सैनिकों के साथ आकर तिरंगा फहराया।

05:42 PM, 23-Jan-2021

नेताजी के लिए कुछ भी असंभव नहीं था

पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी जैसे फौलादी इरादों वाले व्यक्तित्व के लिए कुछ भी असंभव नहीं था उन्होंने विदेश में जाकर देश से बाहर रहने वाले भारतीयों की चेतना को झकझोरा। उन्होंने पूरे देश से हर जाति, पंथ, हर क्षेत्र के लोगों को देश का सैनिक बनाया।

05:36 PM, 23-Jan-2021

नेताजी का जीवन हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब इस वर्ष देश अपनी आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश करने वाला है, जब देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब नेताजी का जीवन, उनका हर कार्य, उनका हर फैसला, हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

05:34 PM, 23-Jan-2021

नेताजी के योगदान को पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाए

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब भारत नेताजी की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है तो हम सभी का कर्तव्य है कि उनके योगदान को पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाए। इसलिए देश ने ये तय किया है कि अब हर वर्ष हम नेताजी की जयंती, यानी 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया करेंगे।

05:30 PM, 23-Jan-2021

नेताजी का नाम सुनते ही हर कोई ऊर्जा से भर जाता है

मैंने अनुभव किया है कि नेताजी का नाम सुनते ही हर कोई कितनी ऊर्जा से भर जाता है। नेताजी के जीवन की ऊर्जा जैसे उनके अंतर्मन से जुड़ गई है। उनकी ऊर्जा, आदर्श, तपस्या, त्याग देश के हर युवा के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

05:27 PM, 23-Jan-2021

नेताजी को नमन

पीएम मोदी ने कहा कि मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूं। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूं।

05:22 PM, 23-Jan-2021

नेताजी ने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थीः पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी। आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा।
 

05:19 PM, 23-Jan-2021

कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला क्षण

पराक्रम दिवस पर संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला क्षण है। बचपन से जब भी ये नाम सुना- नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मैं किसी भी परिस्थिति में रहा हूं, ये नाम कान में पड़ते ही मैं एक नई ऊर्जा से भर गया। इतना विराट व्यक्ति है उनका।
 

05:14 PM, 23-Jan-2021

ममता बनर्जी नाराज

विक्टोरिया मेमोरियल में मंच पर आने के बाद जोरदार नारेबाजी से सीएम ममता बनर्जी नाराज हो गईं। उन्होंने भाषण देने से इनकार कर दिया है। सीएम ममता ने कहा कि बुलाकर अपमान करना ठीक नहीं।

04:49 PM, 23-Jan-2021

कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में कार्यक्रम शुरू

कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में कार्यक्रम शुरू हो गया है। पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी मौजूद हैं।

04:28 PM, 23-Jan-2021

पीएम मोदी विक्टोरिया मेमोरियल पहुंचे

पीएम नरेंद्र मोदी कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल पहुंच चुके हैं। यहां पहुंचकर उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे।
 

04:09 PM, 23-Jan-2021

कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी पहुंचे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी पहुंचे और वहां उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने यहां कलाकारों और प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। 

03:43 PM, 23-Jan-2021

पीएम मोदी ने नेताजी भवन का दौरा किया

कोलकाता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी भवन का दौरा किया।

 

03:21 PM, 23-Jan-2021

कोलकाता पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता पहुंच गए हैं। वे रेस कोर्स रोड जाने के लिए चॉपर लेंगे। इससे वे शहर तक पहुंचेंगे। यहां से सड़क मार्ग के जरिए वे नेता जी भवन जाएंगे।
 


 

 

03:15 PM, 23-Jan-2021

विक्टोरिया मेमोरियल में दो गैलरी का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी विक्टोरिया मेमोरियल में दो नई गैलरी का उद्घाटन करेंगे। नेताजी को लेकर तैयार की गई एक गैलरी का नाम निर्भीक सुभाष रखा गया है। वहीं दूसरी विप्लवी भारत गैलरी को देश के अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को लेकर तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आमंत्रित हैं।

03:06 PM, 23-Jan-2021

विक्टोरिया हॉल में 200 लोगों से मिलेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विक्टोरिया हॉल में बंगाली समाज के 200 नामचीन व्यक्तियों के साथ संवाद करेंगे। इसके लिए उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा निमंत्रण भेजा गया है। इस कार्यक्रम में बंगाल के कला और संस्कृति से जुड़े लोग शामिल होंगे।

03:00 PM, 23-Jan-2021

नेताजी की बेटी ने राज्य और केंद्र सरकार को कहा धन्यवाद

नेताजी की बेटी डॉ. अनिता बोस ने कहा, '124 साल पहले, भारत के सबसे प्रसिद्ध पुत्रों में से एक-मेरे पिता नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म कटक में हुआ था। केंद्र और राज्य सरकार ने उनके जन्म के बाद 125वें वर्ष में उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने एक ऐसे देश की कल्पना की थी जो आधुनिक, प्रबुद्ध, इतिहास से गहराई से जुड़ा, दर्शन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा होगा। उन्होंने कहा था कि आजादी के बाद चुनौतियां होंगी और उन लोगों का हिस्सा बनने की उम्मीद की थी जो इसका सामना करेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।'
 
 

02:48 PM, 23-Jan-2021

नेताजी का हमेशा आभारी रहेगा देश

म्यूनिख में भारत के महावाणिज्यदूत मोहित यादव ने कहा, 125 वर्ष पहले भारत में एक बेटा पैदा हुआ था। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी बने जिन्होंने अपना जीवन एक महान कारण- भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। वह एक ऐसे शूरवीर थे जिन्होंने भारत को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध किया कि वह स्वतंत्र है और गरिमामयी जीवन का नेतृत्व किया। वह अपने साथी देशवासियों की प्रगति और भलाई के लिए खड़े हुए। भारत हमेशा बहादुरी और औपनिवेशिकता का विरोध करने के अमिट योगदान के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आभारी रहेगा। म्यूनिख में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने नेताजी के जर्मनी में बिताए समय के दौरान का गर्व से एक चित्र बनाया है।
 
 

02:23 PM, 23-Jan-2021

नेताजी का जन्मदिन मनाने का केंद्र का फैसला अच्छा है

नेताजी के पड़पोते सीके बोस ने कहा, 'देश भर में पराक्रम दिवस के रूप में नेताजी की 125वीं जयंती मनाने का केंद्र का फैसला अच्छा है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी लेकिन अंतिम लड़ाई आजाद हिंद फौज ने लड़ी थी। लाल बहादुर शास्त्री ने दिसंबर 1965 में प्रधानमंत्री के रूप में कोलकाता के रेड रोड पर नेताजी की प्रतिमा का अनावरण किया था। तब से 23 जनवरी को किसी अन्य प्रधानमंत्री ने राज्य का दौरा नहीं किया। इसलिए, हमने पीएम मोदी से इस दिन कोलकाता आने का अनुरोध किया और हम नेताजी के जन्मदिन को एक साथ मनाएंगे।'
 
 

02:16 PM, 23-Jan-2021

ममता ने पूछा क्या है ये पराक्रम

बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा मानना है कि भारत में 4 रोटेटिंग राजधानियां होनी चाहिए। अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया था। हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए। हम आज 'देशनायक दिवस' मना रहे हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को 'देशनायक' कहा था। क्या है ये 'पराक्रम'?
 
 

02:12 PM, 23-Jan-2021

हम करेंगे आजाद हिंद स्मारक का निर्माण

ममता ने कहा, हम आजाद हिंद स्मारक का निर्माण करेंगे। हम बताएंगे कि यह कैसे किया जाता है। उन्होंने मूर्तियों के निर्माण और एक नए संसद परिसर में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
 
 

02:10 PM, 23-Jan-2021

अग्रेजों की नीति के खिलाफ खड़े थे नेताजी

ममता बनर्जी ने कहा, जब नेताजी ने भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो इसमें उन्होंने गुजरात, बंगाल, तमिलनाडु के लोगों सहित सभी को लिया। वह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो नीति के खिलाफ खड़े थे। 
 
 

02:01 PM, 23-Jan-2021

नेताजी सिर्फ इतिहास नहीं एक आवेग और संस्कृति हैं

पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, नेताजी सिर्फ इतिहास नहीं हैं। एक आवेग और संस्कृति हैं। नेताजी के जन्मदिन पर राष्ट्रीय छुट्टी घोषित होनी चाहिए। नेताजी की पहचान सबसे परे है। नेताजी को सही मायने में जानने की जरूरत है। भारत की चार राजधानी होनी चाहिए। सबकुछ दिल्ली के पास ही क्यों होना चाहिए। नई पीढ़ी को नेताजी के बारे में पढ़ना चाहिए। नेताजी की मौत का रहस्य उजागर होना चाहिए। चुनाव में सरकार को बंगाल की याद आ रही है। देश के प्रति नजरिया बदलना होगा।

01:53 PM, 23-Jan-2021

खत्म हुआ ममता का पैदल मार्च

ममता बनर्जी का आठ किलोमीटर लंबा पैदल मार्च खत्म हो गया है। अब वे जनसभा को संबोधित कर रही हैं।

01:48 PM, 23-Jan-2021

कोलकाता के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम से पश्चिम बंगाल के लि रवाना हो गए हैं। इसकी जानकारी खुद उन्होंने ट्वीट करके दी। वे कोलकाता में पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
 
 

शंख बजाकर ममता ने की पदयात्रा की शुरुआत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के श्याम बाजार से रेड रोड तक मार्च की शुरुआत शंख बजाकर की।
 
 

कदम-कदम बढ़ाए जा की धुन पर ममता का पैदल मार्च

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जनसभा में काफी भीड़ उमड़ पड़ी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोगों ने श्याम बाजार में शंखनाद की ध्वनि के साथ रोड शो की शुरुआत की। नेताजी का जन्म दिन में करीब 12 बजे के आस-पास हुआ था। इसी वजह से टीएमसी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत इसी समय पर की है।
 
 

नेताजी के पोते सुगता बोस को नहीं है पीएम मोदी के दौरे की जानकारी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते सुगता बोस ने कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेताजी भवन में दौरे को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। यह जानकारी इसलिए अहम है क्योंकि सुगता बोस ही नेताजी भवन की देखभाल करते हैं।

आठ किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर रही हैं ममता बनर्जी

नेताजी के जन्मदिन पर पषश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आठ किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर रही हैं। उन्होंने श्याम बाजार में नेताजी की मूर्ति से अपनी पदयात्रा की शुरुआत की। उनकी पदयात्रा रेड रोड पर खत्म होगी। उन्होंने कहा, 'आजादी से पहले एक योजना आयोग और भारतीय राष्ट्रीय सेना की अवधारणा नेताजी की दूरदर्शिता थी। वे मूर्तिपूजा का दावा करते हैं लेकिन योजना आयोग को भंग कर देते हैं। हम इसे उनकी 125वीं जयंती के कारण एक भव्य अवसर के रूप में मना रहे हैं।'
 
 

हमारी सरकार असम की जरूरतों की कर रही है पहचान

  • कोरोना टीकाकरण के लिए जिसकी बारी आए, वो टीके जरूर लगाएं। टीके की 2 डोज लगनी जरूरी है। पूरी दुनिया में भारत में बने टीके की डिमांड हो रही है। भारत में भी लाखों लोग अब तक टीका लगा चुके हैं। हमें टीका भी लगाना है और सावधानी भी रखनी है।
  • असम और पूर्वोत्तर 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत पूर्वी एशियाई देशों के साथ हमारे संपर्क को व्यापक बना रहे हैं। असम बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आत्मनिर्भर भारत के एक प्रमुख हिस्से के रूप में विकसित हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, असम के गांवों में 11,000 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं।
  • आज हमारी सरकार असम की जरूरतों की पहचान करके, हर जरूरी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है। बीते 6 सालों से असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार भी हो रहा है, आधुनिक भी हो रहा है।

असम के सभी घरों में पहुंची बिजली

  • असम में तेल और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर बीते वर्षों में 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया है। गुवाहटी-बरौनी गैस पाइप लाइन से नॉर्थ ईस्ट और पूर्वी भारत की गैस कनेक्टिविटी मजबूत होने वाली है।
  • असम में महामारी से निपटने का तरीका सराहनीय है। मैं सीएम सर्बानंद सोनवाल जी और उनकी टीम को बधाई देता हूं। मुझे यकीन है कि वे उसी उत्साह के साथ टीकाकरण कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।
  • 5 साल पहले तक असम के 50 प्रतिशत से भी कम घरों तक बिजली पहुंची थी, जो अब करीब 100% तक पहुंच चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत बीते 1.5 साल में असम में 2.5 लाख से ज्यादा घरों में पानी का कनेक्शन दिया गया है।

असम स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के हब के रूप में भी विकसित हो रहा है

  • असम स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के हब के रूप में भी विकसित हो रहा है। एम्स और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान युवाओं को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेंगे।
  • रेल और हवाई परिवहन के बेहतर नेटवर्क से बढ़ती कनेक्टिविटी से असम में नए उद्योग और रोजगार के अवसर भी खुल रहे हैं।
  • असम और पूर्वोत्तर 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत पूर्वी एशियाई देशों के साथ हमारे संपर्क को व्यापक बना रहे हैं। असम बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आत्मनिर्भर भारत के एक प्रमुख हिस्से के रूप में विकसित हो रहा है।
  • पिछले कुछ वर्षों में, असम के गांवों में 11,000 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं।
  • आज हमारी सरकार असम की ज़रूरतों की पहचान करके, हर ज़रूरी प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम कर रही है। बीते 6 सालों से असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार भी हो रहा है, आधुनिक भी हो रहा है।

चाय जनजाति के अनेक परिवारों को मिला जमीन का कानूनी अधिकार

  • ऐतिहासिक बोडो समझौते के बाद, असम का एक बड़ा हिस्सा शांति के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। समझौते के बाद, हाल ही में बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के चुनाव भी हुए और प्रतिनिधि चुने गए। अब, यह परिषद इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
  • चाय जनजाति को घर और शौचालय जैसी मूल सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। चाय जनजाति के अनेक परिवारों को भी जमीन का कानूनी अधिकार मिला है। चाय जनजाति के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पहली बार उनको बैंक की सुविधाओं से जोड़ा गया है।
  • सबका साथ-सबका विकास- सबका विश्वास के मंत्र पर चल रही हमारी सरकार असम के हर हिस्से में, हर वर्ग को तेजी से विकास का लाभ पहुंचाने में जुटी है।

आज 35 लाख महिलाओं के पास उज्ज्वला गैस कनेक्शन है

  • 2014 में, असम में सिर्फ 330 एलपीजी गैस वितरक थे। आज, यह 575 को पार कर गया है। उज्ज्वला योजना ने कोविड के दौरान जरूरतमंदों की मदद की। असम में 50 लाख से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर दिए गए।
  • आत्मविश्वास तभी बढ़ता है जब घर-परिवार में भी सुविधाएं मिलती हैं और बाहर का इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुधरता है। बीते सालों में इन दोनों मोर्चों पर असम में अभूतपूर्व काम किया गया है।
  • 35 लाख महिलाओं के पास उज्ज्वला गैस कनेक्शन है, जिसमें 4 लाख परिवार एससी-एसटी समूहों से संबंधित हैं। 2014 में, जब हमने सरकार का गठन किया, असम में एलपीजी कवरेज सिर्फ 40% था। आज यह लगभग 99% है।
  • आज असम की लगभग 40% आबादी आयुष्मान भारत से लाभान्वित हुई है। 1.5 लाख लोगों को पहले ही मुफ्त इलाज मिल चुका है।

असमिया लोगों के विश्वास से बनेगा आत्मनिर्भर असम

  • असम ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विकास कार्य देखे हैं। गरीबों के लिए लगभग 1.75 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं, जिससे हमें कोविड के दौरान सहायता प्रदान करने में मदद मिली।
  • असम और पूर्वोत्तर भारत का तेजी से विकास आत्मानिर्भर भारत का अभिन्न अंग है। असमिया लोगों के विश्वास के जरिए आत्मनिर्भर असम का रास्ता बनेगा।
  • जमीन का पट्टा मिलने से मूल निवासियों की लंबी मांग तो पूरी हुई ही है, इससे लाखों लोगों का जीवन स्तर बेहतर होने का रास्ता भी बना है। अब इन्हें केंद्र और राज्य सरकार की दूसरी योजनाओं का लाभ मिलना भी सुनिश्चित हुआ है।

70 जनजातियों को दी गई सामाजिक सुरक्षा

  • असम की लगभग 70 छोटी-बड़ी जनजातियों को सामाजिक संरक्षण देते हुए, उनका तेज़ विकास हमारी सरकार की प्रतिबद्धता रही है। अटल जी की सरकार हो या फिर बीते कुछ सालों से केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार, असम की संस्कृति और स्वाभिमान की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रही है। 
  • असम में जब हमारी सरकार बनी तो उस समय भी यहां करीब-करीब 6 लाख मूल निवासी परिवार जिनके पास ज़मीन के कानूनी कागज नहीं थे। लेकिन सर्बानंद सोनोवाल जी के नेतृत्व में यहां की सरकार ने आपकी इस चिंता को दूर करने के लिए गंभीरता के साथ काम किया।
  • 2019 में, सरकार द्वारा बनाई गई नई भूमि नीति अपने सही मालिकों को भूमि देने के लिए अपना समर्पण दिखाती है। पिछले कुछ वर्षों में, 2.25 लाख से अधिक मूल परिवारों को जमीन का पट्टा दिया गया है।

हमारे लिए धरती माता है

  • हम सभी एक ऐसी संस्कृति के ध्वज वाहक हैं, जहां हमारी जमीन सिर्फ घास, मिट्टी, पत्थर के रूप में नहीं देखी जाती। धरती हमारे लिए माता का रूप है।
  • आज पराक्रम दिवस पर पूरे देश मे अनेक कार्यक्रम भी शुरू हो रहे हैं। इसलिए एक तरह से आज का दिन उम्मीदों के पूरा होने के साथ ही, हमारे राष्ट्रीय संकल्पो की सिद्धि के लिए प्रेरणा लेने का भी अवसर है।
  • आज ही देश हम सबके प्रिय, हम सबके श्रद्धेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। देश ने तय किया है कि इस दिन की पहचान अब पराक्रम दिवस के रूप में होगी। मां भारती के स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए नेताजी का स्मरण आज भी हमें प्रेरणा देता है।

असम सरकार ने आपके जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर की है

  • शिवसागर को हमारी सरकार द्वारा भारत के पांच सबसे प्रतिष्ठित पुरातात्विक स्थलों में से एक के रूप में चुना जा रहा है। भारत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती भी मना रहा है। राष्ट्र ने इसे 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
  • आज असम की सरकार ने आपके जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर की है। 1 लाख से ज्यादा मूल निवासी परिवारों को भूमि के स्वामित्व का अधिकार मिलने से आपके जीवन की बड़ी चिंता अब दूर हो गई है।
  • पिछले कुछ वर्षों में, मैं असम के विभिन्न हिस्सों में गया हूं, यहां के लोगों के साथ बातचीत की और विकास कार्यों में भाग लिया। पिछले साल, मैं बोडो समझौते के बाद कोकराझार में ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा था। इस वर्ष, मैं आपकी खुशी में भाग लेने के लिए यहां हूं।

आपका प्यार मुझे बार-बार अशम ले आता है

असम के लोगों का ये आशीर्वाद, आपकी ये आत्मीयता मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। आपका ये प्रेम और स्नेह मुझे बार बार असम ले आता है।

1.6 लाख लोगों को आवंटित किए जमीन के पट्टे

प्रधानमंत्री मोदी ने 1.6 लाख लोगों को आवंटित किए जमीन के पट्टे। 
 
 

असम के शुभचिंतक हैं पीएम

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में कहा, 'प्रधानमंत्री असम और यहां के लोगों के सबसे बड़े शुभचिंतक हैं। असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास उनके समर्थन की वजह से हुआ है।'
 
 

पराक्रम दिवस: अनिल विज बोले- ममता के सामने 'जय श्रीराम' कहना, सांड को लाल कपड़े दिखाने जैसा

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिवसागर में स्वागत किया। पीएम मोदी आज यहां एक कार्यक्रम में 1.06 लाख भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।
 
 

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