पीएम मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी। आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता पहुंच गए हैं। वे रेस कोर्स रोड जाने के लिए चॉपर लेंगे। इससे वे शहर तक पहुंचेंगे। यहां से सड़क मार्ग के जरिए वे नेता जी भवन जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी विक्टोरिया मेमोरियल में दो नई गैलरी का उद्घाटन करेंगे। नेताजी को लेकर तैयार की गई एक गैलरी का नाम निर्भीक सुभाष रखा गया है। वहीं दूसरी विप्लवी भारत गैलरी को देश के अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को लेकर तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आमंत्रित हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विक्टोरिया हॉल में बंगाली समाज के 200 नामचीन व्यक्तियों के साथ संवाद करेंगे। इसके लिए उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा निमंत्रण भेजा गया है। इस कार्यक्रम में बंगाल के कला और संस्कृति से जुड़े लोग शामिल होंगे।
नेताजी की बेटी डॉ. अनिता बोस ने कहा, '124 साल पहले, भारत के सबसे प्रसिद्ध पुत्रों में से एक-मेरे पिता नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म कटक में हुआ था। केंद्र और राज्य सरकार ने उनके जन्म के बाद 125वें वर्ष में उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने एक ऐसे देश की कल्पना की थी जो आधुनिक, प्रबुद्ध, इतिहास से गहराई से जुड़ा, दर्शन धार्मिक परंपराओं से जुड़ा होगा। उन्होंने कहा था कि आजादी के बाद चुनौतियां होंगी और उन लोगों का हिस्सा बनने की उम्मीद की थी जो इसका सामना करेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।'
म्यूनिख में भारत के महावाणिज्यदूत मोहित यादव ने कहा, 125 वर्ष पहले भारत में एक बेटा पैदा हुआ था। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी बने जिन्होंने अपना जीवन एक महान कारण- भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। वह एक ऐसे शूरवीर थे जिन्होंने भारत को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध किया कि वह स्वतंत्र है और गरिमामयी जीवन का नेतृत्व किया। वह अपने साथी देशवासियों की प्रगति और भलाई के लिए खड़े हुए। भारत हमेशा बहादुरी और औपनिवेशिकता का विरोध करने के अमिट योगदान के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आभारी रहेगा। म्यूनिख में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने नेताजी के जर्मनी में बिताए समय के दौरान का गर्व से एक चित्र बनाया है।
नेताजी के पड़पोते सीके बोस ने कहा, 'देश भर में पराक्रम दिवस के रूप में नेताजी की 125वीं जयंती मनाने का केंद्र का फैसला अच्छा है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी लेकिन अंतिम लड़ाई आजाद हिंद फौज ने लड़ी थी। लाल बहादुर शास्त्री ने दिसंबर 1965 में प्रधानमंत्री के रूप में कोलकाता के रेड रोड पर नेताजी की प्रतिमा का अनावरण किया था। तब से 23 जनवरी को किसी अन्य प्रधानमंत्री ने राज्य का दौरा नहीं किया। इसलिए, हमने पीएम मोदी से इस दिन कोलकाता आने का अनुरोध किया और हम नेताजी के जन्मदिन को एक साथ मनाएंगे।'
बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा मानना है कि भारत में 4 रोटेटिंग राजधानियां होनी चाहिए। अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया था। हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए। हम आज 'देशनायक दिवस' मना रहे हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को 'देशनायक' कहा था। क्या है ये 'पराक्रम'?
ममता ने कहा, हम आजाद हिंद स्मारक का निर्माण करेंगे। हम बताएंगे कि यह कैसे किया जाता है। उन्होंने मूर्तियों के निर्माण और एक नए संसद परिसर में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
ममता बनर्जी ने कहा, जब नेताजी ने भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया, तो इसमें उन्होंने गुजरात, बंगाल, तमिलनाडु के लोगों सहित सभी को लिया। वह अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो नीति के खिलाफ खड़े थे।
पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, नेताजी सिर्फ इतिहास नहीं हैं। एक आवेग और संस्कृति हैं। नेताजी के जन्मदिन पर राष्ट्रीय छुट्टी घोषित होनी चाहिए। नेताजी की पहचान सबसे परे है। नेताजी को सही मायने में जानने की जरूरत है। भारत की चार राजधानी होनी चाहिए। सबकुछ दिल्ली के पास ही क्यों होना चाहिए। नई पीढ़ी को नेताजी के बारे में पढ़ना चाहिए। नेताजी की मौत का रहस्य उजागर होना चाहिए। चुनाव में सरकार को बंगाल की याद आ रही है। देश के प्रति नजरिया बदलना होगा।
ममता बनर्जी का आठ किलोमीटर लंबा पैदल मार्च खत्म हो गया है। अब वे जनसभा को संबोधित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम से पश्चिम बंगाल के लि रवाना हो गए हैं। इसकी जानकारी खुद उन्होंने ट्वीट करके दी। वे कोलकाता में पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के श्याम बाजार से रेड रोड तक मार्च की शुरुआत शंख बजाकर की।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जनसभा में काफी भीड़ उमड़ पड़ी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोगों ने श्याम बाजार में शंखनाद की ध्वनि के साथ रोड शो की शुरुआत की। नेताजी का जन्म दिन में करीब 12 बजे के आस-पास हुआ था। इसी वजह से टीएमसी ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत इसी समय पर की है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते सुगता बोस ने कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेताजी भवन में दौरे को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। यह जानकारी इसलिए अहम है क्योंकि सुगता बोस ही नेताजी भवन की देखभाल करते हैं।
नेताजी के जन्मदिन पर पषश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आठ किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर रही हैं। उन्होंने श्याम बाजार में नेताजी की मूर्ति से अपनी पदयात्रा की शुरुआत की। उनकी पदयात्रा रेड रोड पर खत्म होगी। उन्होंने कहा, 'आजादी से पहले एक योजना आयोग और भारतीय राष्ट्रीय सेना की अवधारणा नेताजी की दूरदर्शिता थी। वे मूर्तिपूजा का दावा करते हैं लेकिन योजना आयोग को भंग कर देते हैं। हम इसे उनकी 125वीं जयंती के कारण एक भव्य अवसर के रूप में मना रहे हैं।'
असम के लोगों का ये आशीर्वाद, आपकी ये आत्मीयता मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। आपका ये प्रेम और स्नेह मुझे बार बार असम ले आता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 1.6 लाख लोगों को आवंटित किए जमीन के पट्टे।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में कहा, 'प्रधानमंत्री असम और यहां के लोगों के सबसे बड़े शुभचिंतक हैं। असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास उनके समर्थन की वजह से हुआ है।'
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिवसागर में स्वागत किया। पीएम मोदी आज यहां एक कार्यक्रम में 1.06 लाख भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।