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कैशलेस इंडिया के लिए वरदान साबित होगा 'भीम ऐप': पीएम मोदी

Fri, 30 Dec 2016 05:44 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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नोटबंदी के पचास दिन पूरे होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एकबार फिर देश को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने एक नए 'भीम ऐप' को भी हरी झंडी दी और डिजिधन योजना के तहत ड्रॉ के जरिए लाभार्थियों को ईनाम देने का एलान किया और देशवासियों से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
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पढ़े पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें...

2017 की पहली जनवरी से आप मोबाइल फोन से कम से कम पांच लेनदेन करके देखिए, आप ऐसा करके तो देखिए मैं विश्वास दिलाता हूं कि धीरे-धीरे आपको डिजिटल पेमेंट करने की आदत हो जाएगी।

भारत सरकार के सभी काम गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित हैं।

2014 का चुनाव एक पार्टी गैस सिलेंडर की संख्या पर लड़ रही थी कि 9 दें या 12 देदें। लेकिन हमने कहा कि सब्सिडी छोड़ दो। लेकिन बहुत से लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी। आप भी अपनी सब्सिडी छोड़ दीजिए मैं उसे गरीब मां तक पहुंचाऊंगा।
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देश की संपदा पर सबसे पहले हक गरीबों का होना चाहिए।

100 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड है, जिससे अंगूठा ही उनका बैंक बन जाएगा।

निराशावादी लोगों के पास अब तक कोई अवसर नहीं है। आशावादी लोगों पास अवसर ही अवसर हैं।

छोटे-मझले कारोंबारियों जैसे धोबी-नाई के लिए बैंक से अभी तक लोन मिलना बहुत मुश्किल होता था लेकिन ई-बैंकिंग के द्वारा लोन लेना आसान हो जाएगा।

कोयला और टूजी घोटाले का जिक्र किया।

आजकल वे लोग बयान कर रहे हैं जो कोयला और टूजी घोटाला भूल गए।

एक नेता ने बोला था कि खोदा पहाड़ और निकली चुहिया। मैं तो चुहिया को ही खत्म करने आया हूं, क्योंकि चुहिया ही किसानों के खेत खा जाती है। 

जज्बा हो तो ईश्वर भी काम करने की ताकत देता है।

पहले खबरें आती थीं... ये गया, ये गया। अब खबरें आती हैं...ये आया, ये आया।

अपनी ही बुराइयों के खिलाफ लड़ना आसान बात नहीं है। कुछ लोग मजबूरन तैयार हुए होंगे, कुछ लोग इच्छा से तैयार हुए होंगे। और दीमक की तरह बुराई फैल गई। लेकिन हमने देखा कि देशवासियों को ईमानदारी के दिन चाहिए और देश वासियों ने करके दिखाया। दुनिया को अचरज कर रही है, 86 परसेंट करेंसी एकदम से निकल जाए, ये सामान्य बात नहीं है। दुनिया इस पर सोच रही है और देशवासियों ने ताकत दिखाई।

यही तो अपनी ताकत है कि हम अपनी बुराइयों, कमियों के खिलाफ लड़ने के लिए आगे आते हैं।

आपने देखा होगा कि जब बाहरी हमला होता है तो पूरा हिंदुस्तान एक जुट होकर मुकाबला करता है। लेकिन इतिहास में पहली बार अपनी बुराइयों का परास्त करने के लिए एकजुट हुआ है।

कभी कहा जाता था कि यूनान-मिस्र मिट गए लेकिन हस्ती मिटती नहीं हमारी।

आज फिर हम देश को सोने की चिड़िया बना सकते हैं। हमें मिलकर एकजुट होकर काम करना होगा।

हमारे देश ऐसे ही सोने चिड़िया में से गरीब नहीं बना। अपनी ही गलतियों, आचरण के कारण देश सोने की चिड़िया से गरीब बना। 

मीडिया पर कसा व्यंग और आभार भी व्यक्त किया।

मैं आशावादी सोच वाला इंसान हूं। आने वाले दिनों में मीडिया बहुत बड़ी सेवा कर सकता है।

14 अप्रैल को होगा मेगा ड्रॉ।

बस दो माह की बात है, भीम एप से ही चलेगा कारोबार।

हमें गर्व होना चाहिए, जिस देश को अनपढ़ कहा जाता है वह देश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में सफलतापूर्वक क्रांति लेकर आया है।

एक जमाना था अनपढ़ को अंगूठा-छाप कहा जाता था अब वक्त ऐसा है, आप ही का अंगूठा आपकी पहचान और बैंक बन गया है।

क्रिसमस के दिन भारत सरकार ने एक गिफ्ट की शुरुआत की थी और उसके तहत आने वाले 100 दिन तक प्रतिदिन लकी ड्रॉ के माध्यम से 1000 रुपये मिलने की योजना थी। इसके लाभार्थी वे लोग है जो डिजिटल पेमेंट के जरिए खरीददारी करते हैं, ताकि इनाम गरीबों को मिले।

लाखों लोगों के लाभ मिलने वाला है। 

पहले दिन ड्रॉ हुआ, जो तीन लोग चुने गए उन्हें ईनाम देने का सौभाग्य मिला।

लकी ग्राहक योजना के साथ डीजी धन योजना शुरु हुई। 

बाबा अंबेडकर की जयंती पर एक मेगा ड्रॉ होगा जिसमें करोड़ों के इनाम दिए जाएंगे। 

जिन लोगों को मौजूदा लकी ड्रॉ में नाम आया है, उनका मैं अभिनंदन करता और स्वागत करता हूं, जो उन्होंने नई तकनीकी का उपयोग किया। महिलाओं ने उपयोग किया। इसके लिए मैं बधाई देता हूं।

आज एक और काम हुआ, आज एक नई ऐप लॉन्च की गई है, जिसका नाम है भीम। जिस महापुरुष ने हमें संविधान दिया वो डॉक्टर भीम राम अंबेडकर थे। अर्थशास्त्र में उनकी निपुणता सच्ची पहचान थी।

आज से कई साल पहले उन्होंने भारतीय रुपया पर थीसिस लिख दी थी। अंग्रेजों के जमानें में उन्होंने नई मौद्रिक नीति को समझाया। बाबा साहेब ने जो थीसिस लिखी थी उसी से जानकारी लेकर रिजर्व बैंक का जन्म हुआ।
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आजाद भारत में जो हमारा फेडरल स्ट्रक्चर है, अर्थव्यवस्था कैसे चले, इसके लिए बाबा साहेब के विचारों का परिणाम काम आया।
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