विदेश सचिव ने क्वाड को लेकर कहा, 'क्वाड वास्तव में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। हाल के वर्षों में, इसका एजेंडा व्यावहारिक सहयोग के मुद्दों तक फैला है और इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।'
प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही जापान और चीन के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि 'भारत और जापान के संबंधों में रक्षा और सुरक्षा संबंधी सहयोग हाल के वर्षों में एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। इस साल दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की भी बैठक हुई थी। जिसमें संचालन संबंधी सहयोग, रक्षा उपकरणों और तकनीकी साझेदारी पर अहम बातचीत हुई।'
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अंतरिक्ष में सहयोग करेंगे भारत और जापान
विक्रम मिस्री ने कहा 'दोनों देश मिलकर यूनिफाइड कॉम्पलेक्स रेडियो एंटेना का सह-निर्माण कर रहे हैं, UNICORN प्रोजेक्ट पर भी नवंबर 2024 में हस्ताक्षर किए गए थे। भारतीय नौसेना और जापानी नौसेना भी भारत में जहाज मरम्मत के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश रही हैं। इसरो और जापानी अंतरिक्ष एजेंसी चंद्रमा पर खोज के मिशन पर साथ काम कर रही हैं। चंद्रयान-5 मिशन के साथ ही इसे भी आगे बढ़ाया जा रहा है।' विक्रम मिस्री से जब प्रधानमंत्री की आगामी जापान और चीन यात्राओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। हम अभी भी उन बैठकों को अंतिम रूप दे रहे हैं और आपको उनकी कार्यवाही के बारे में जानकारी देते रहेंगे। बैठकों से पहले, यह अनुमान लगाना और कहना कि बैठकों में क्या चर्चा होगी और क्या नहीं, शायद थोड़ी जल्दबाजी होगी।'
'क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच'
विदेश सचिव ने क्वाड को लेकर कहा, 'क्वाड वास्तव में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। हाल के वर्षों में, इसका एजेंडा व्यावहारिक सहयोग के मुद्दों तक फैला है और इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। हाल ही में महत्वपूर्ण खनिजों, आपूर्ति श्रृंखलाओं को और अधिक लचीला बनाने और बुनियादी ढांचे के विकास के संबंध में भी चर्चा हुई है। ये सभी मुद्दे भारत और जापान दोनों के लिए प्राथमिकता वाले हैं। दोनों देश इस मंच और इस साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हम अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए सभी क्वाड भागीदारों के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं। मुझे यकीन है कि जब दोनों प्रधानमंत्री मिलेंगे, तो क्वाड एक ऐसा विषय होगा जिस पर दोनों के बीच चर्चा होगी।'