मिशन चंद्रयान-2 के आखिरी क्षणों में लैंडर 'विक्रम' से इसरो का संपर्क टूट जाने के बाद प्रधानमंत्री ने न केवल वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया, बल्कि वहां मौजूद छात्रों को भी सफलता और असफलता के मायने समझाए। उन्होंने बच्चों से कहा कि लक्ष्य हमेशा बड़ा रखें और उसे छोटे हिस्सों में बांट कर पूरा कीजिए। बच्चों ने पीएम मोदी संग तस्वीरें भी ली।
एक छात्रा ने पूछा कि जब कोई क्विज या प्रतियोगिता नई होती है, तो हम उत्साहित रहते हैं। लेकिन यह अक्सर देखा जाता है कि बाद में उत्साह खत्म होने लगता है, इसे कैसे बनाए रखें? छात्रा के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले तो ये कि हमें लक्ष्य बहुत बड़ा रखना चाहिए। इस लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सो में बांटना चाहिए। ...और अबतक जो पाया है, उसे जोड़ते जाना चाहिए और जो मिस किया है, उसे भूलते जाना चाहिए।