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नोटबंदी: संसद में सबकी सुनते रहे पीएम, बोले कुछ नहीं

Wed, 23 Nov 2016 06:24 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Getty images
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संसद के शीतकालीन सत्र में नोंटबंदी पर पीएम के भाषण के लिए विपक्ष अड़ा हुआ है। लगातार विपक्ष के हमलों के बाद सत्र के छठे दिन पीएम मोदी लोकसभा में मौजूद थे। संसद में पीएम की मौजूदगी के बाद भी विपक्ष के हमले कम नहीं हुए।
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दोनों सदनों में इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के तीखे तेवरों का अंदाजा बुधवार सुबह उस वक्त ही हो गया, जब विपक्ष संसद परिसर की गांधी प्रतिमा के बाहर संयुक्त रूप से धरने पर बैठ गया।

पीएम लोकसभा में विपक्ष के आरोपों को सुनते तो रहे, लेकिन बोले कुछ नहीं। लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद आखिरकार सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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'हंगामा विपक्ष की आदत बन गया है'

- फोटो : pti
संसद में विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा हंगामा विपक्ष की आदत में आ गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने भी केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार इस मामले पर चर्चा के लिए तैयार है।

सरकार के इस आश्वासन के बावजूद विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा। विपक्ष स्थगन के प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग कर रहा था। जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।

वहीं राज्यसभा में भी विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके चलते सदन को दो बजे तक स्थगित कर दिया गया।

संसद में आकर विपक्ष को सुनें मोदी: मायावती

- फोटो : ani
शीतकालीन सत्र में मचे घमासान के बीच मायावती ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। बुधवार को उन्होंने कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तलब करें। 

संसद में आकर विपक्ष को सुनें मोदी।
काले धन पर लिए गए फैसले का विरोध नहीं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को समन भेजें और लोगों को हो रही समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठाने के लिए कहें।
प्रधानमंत्री ने इतना अच्छा काम किया है तो वह घबरा क्यों रहे हैं।
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संसद में आने से क्यों डर रहे हैं पीएम: राहुल गांधी

मोदी के फैसले नोटबंदी पर प्रश्न उठाते हुए राहुल ने कहा कि इस फैसले के बारे में देश के वित्तमंत्री तक को नहीं मालूम था। इस फैसले की वजह से करोड़ों लोगों का नुकसान हुआ है। मोदी कंसर्ट में भाषण दे सकते हैं।

नाच-गाने के बीच भाषण दे सकते हैं। लेकिन संसद में आने से क्यों डर रहे हैं। संसद में न आने की कोई तो वजह होगी। आखिर पीएम संसद को फेस करने से क्यों बच रहे हैं।

राहुल ने कहा कि हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री को नोट बंदी की पूरी डिबेट में बैठना चाहिए। सभी नेताओं की बातें सुननी चाहिए और अपना जवाब देना चाहिए। इस पूरे फैसले से घोटाले की बू आ रही है।
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