प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को तीन देशों के छह दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। इस दौरान वह तीन शिखर सम्मेलनों में शामिल होंगे और 40 से ज्यादा कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। पीएम तीन देशों में चार दिन बिताएंगे, इस दौरान दुनियाभर के 24 से ज्यादा देशों के नेताओं से मिलेंगे। दौरे के पहले चरण में 19 से 21 मई के दौरान जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने जापान जाएंगे।
क्वाड समूह के नेताओं की बैठक भी संभव
जापान के हिरोशिमा में इसी सप्ताह क्वाड समूह के नेताओं की बैठक होने की संभावना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज हिस्सा लेंगे। हालांकि, अमेरिका में उत्पन्न आर्थिक संकट का समाधान करने के लिए बाइडन के अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा स्थगित करने के बाद सिडनी में प्रस्तावित क्वाड देशों के नेताओं की बैठक रद्द कर दी गई है। भारत विदेश सचिव ने कहा कि सिडनी में निर्धारित बैठक जिन कारणों से नहीं हो रही है, इसकी जानकारी आप सभी को है और हिरोशिमा में चारों नेताओं की मौजूदगी का लाभ उठाते हुए वहां यह बैठक आयोजित करने की योजना है।
भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की यह पहली यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी, जापान से पोर्ट मोरेस्बी की यात्रा करेंगे, जहां वह 22 मई को पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारपे के साथ फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। 2014 में स्थापित किए गए एफआईपीआईसी में भारत और 14 प्रशांत द्वीप देश शामिल हैं - जिनमें फिजी, पापुआ न्यू गिनी, टोंगा, तुवालु, किरिबाती, समोआ, वानुअतु, नीयू, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया, रिपब्लिक ऑफ मार्शल आइलैंड्स, कुक आइलैंड्स, पलाऊ, नाउरू और सोलोमन द्वीप सम्मिलित हैं।