प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 देशों के यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त रूप से टेलीफोन पर बातचीत की। तीनों नेताओं ने प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को दिसंबत तक अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने वाशिंगटन की विघटनकारी व्यापार नीतियों के बीच नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को बढ़ावा देने का भी संकल्प जताया।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक मुद्दों को संयुक्त रूप से संबोधित करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और पारस्परिक समृद्धि के लिए नियम आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी की भूमिका पर जोर दिया। तीनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत ट्रंप प्रशासन की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के असर को कम करने की कोशिश कर रहा है। बयान के अनुसार, नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, स्थिरता, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला लचीलेपन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का स्वागत किया और मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता को दिसंबर तक अंतिम रूप देने पर अपनी साझा प्रतिबद्धता जताई। नेताओं ने यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान तथा शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया। साथ ही आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात की। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं को अगले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के लिए भारत आमंत्रित किया। बयान में कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के रूप में भारत और यूरोपीय संघ विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण पर आधारित एक मजबूत और घनिष्ठ संबंध साझा करते हैं। नेता
आईएमईईसी कॉरिडोर के कार्यान्वयन के लिए जताई साझा प्रतिबद्धता : मोदी शांति की राह पर आगे बढ़ने में भारत की अहम भूमिका : लेयेन
लेयेन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रूस के अपने आक्रामक युद्ध को समाप्त करने और शांति की राह पर आगे बढ़ने में मदद करने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की के साथ भारत के निरंतर संपर्क का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन के वैश्विक सुरक्षा परिणाम हैं और यह आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है। इसलिए यह पूरी दुनिया के लिए एक जोखिम है। उन्होंने कहा कि हम 2026 में यथाशीघ्र यूरोपीय संघ-भारत शिखर सम्मेलन में एक संयुक्त रणनीतिक एजेंडे पर सहमत होने की योजना बना रहे हैं। हम वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता को खत्म करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।