अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल को लेकर पूरी दुनिया में उत्सुकता है। जिसको लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से कई देश बेचैन हैं। लेकिन भारत इन देशों में शामिल नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से कई देश बेचैन हैं। लेकिन भारत इन देशों में शामिल नहीं है। चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तालमेल का उल्लेख किया। साथ ही बराक ओबामा से लेकर डोनाल्ड ट्रंप और फिर जो बाइडन के साथ मजबूत रिश्ते बनाने की प्रधानमंत्री की क्षमता पर प्रकाश डाला।
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अमेरिकी राष्ट्रपतियों से बेहतर संबंध-जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर से रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपतियों, विशेष रूप से ट्रंप के साथ पीएम मोदी के तालमेल से जुड़े सवाल पर कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले जिन तीन लोगों के कॉल लिए, उनमें प्रधानमंत्री भी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि वास्तव में पीएम मोदी के कई राष्ट्रपतियों के साथ बेहतर तालमेल रहे हैं। जब वह पहली बार वाशिंगटन डीसी गए तो ओबामा राष्ट्रपति थे, फिर ट्रम्प थे, फिर बिडेन आए। आप जानते हैं, प्रधानमंत्री के लिए यह स्वाभाविक है कि रिश्ते कैसे बनाए जाते हैं। इससे बहुत मदद मिली।
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एक आयामी तरीके से विकास नहीं
विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान युग में विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताओं का विकास करना महत्व रखता है और किसी देश की व्यापक राष्ट्रीय शक्ति ही इसका माप है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश, वास्तव में एकआयामी तरीके से विकास नहीं कर सकता है। लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विकास के लिए घरेलू क्षमताओं को विकसित करना आवश्यक शर्त है।