प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की सलामी ली और जवानों को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई। फिर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश वायरस से उबर भी रहा है और आगे भी बढ़ रह है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को लेकर कहा कि इससे किसी का भला नहीं होगा। उन्होंने सभी देश की सरकारों, पंथों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने को कहा। पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश वीर बेटों के जाने के दुख को कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मैंने भद्दी राजनीति सहन की। पाकिस्तान द्वारा सच स्वीकारने को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उससे इन लोगों का असली चेहरा देश के सामने आ गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने केवड़िया में सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को संबोधित किया। उन्होंने नौकरशाहों से देशहित में फैसले लेने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा की जो भी काम करिए, जिस किसी के लिए भी करिए, अपना समझ कर करिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को टीवी पर दिखने और अखबार में छपने जैसे रोगो से दूर रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने केवड़िया में सी प्लेन सेवा की शुरुआत की। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-
देश के पहले सी प्लेन ने अपना पहला सफर पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सी प्लेन के जरिए केवड़िया से अहमबादबाद के साबरमती रिवर फ्रंट तक यात्रा की।
12:58 PM, 31-Oct-2020
पीएम मोदी ने सी प्लेन सेवा की शुरुआत की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में सी प्लेन सेवा का उद्घाटन किया। ये विमान केवड़िया से साबरमती तक जाएंगे। इसमें 30 मिनट का समय लगेगा। विमान 200 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। इसे स्पाइसजेट की स्पाइस शटल सेवा चला रही है। इसके लिए विमान मालदीव से आया है। प्रधानमंत्री ने इस विमान से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक की यात्रा की।
12:19 PM, 31-Oct-2020
सिविल सेवा अधिकारी के लिए जरूरी है देश के सामान्य मानव से जुड़ना
'दिखास' और 'छपास' ये दो रोगों से दूर रहिएगा। दिखास और छपास यानी, टीवी पर दिखना और अखबार पर छपना। ये दोनों रोग जिसे लगे, वो अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता।
जो भी काम करिए, जिस किसी के लिए भी करिए, अपना समझ कर करिए। जब आप अपने विभाग में सामान्य जनों को अपना परिवार समझ कर काम करेंगे, तो आपको कभी थकान नहीं होगी, आप हमेशा नई ऊर्जा से भरे रहेंगे।
आज देश जिस मोड में काम कर रहा है, उसमें आप सभी बयूरोक्रैट्स की भूमिका मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की ही है। आपको ये सुनिश्चित करना है कि नागरिकों के जीवन में आपका दखल कैसे कम हो, सामान्य मानवी का सशक्तिकरण कैसे हो
एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे, तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।
सरकार शीर्ष से नहीं चलती है। नीतियां जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है। जनता केवल सरकार की नीतियों की, प्रोग्राम्स की रिसीवर नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है। इसलिए हमें गवर्नमेंट से गवर्नेंस की तरफ बढ़ने की जरूरत है।
ये ‘आरंभ’ सिर्फ आरंभ नहीं है, एक प्रतीक भी है और एक नई परंपरा भी। ऐसे ही सरकार ने कुछ दिन पहले एक और अभियान शुरू किया है- मिशन कर्मयोगी। मिशन कर्मयोगी, कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में अपनी तरह का एक नया प्रयोग है।
एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे, तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।
12:12 PM, 31-Oct-2020
सरदार पटेल ने एक भारत- श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था
पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया। लेकिन अब देश में ह्यूमन रिसोर्स की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। बीते 2-3 वर्षों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है।
सरदार पटेल ने एक भारत- श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था। उनका ये सपना आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा हुआ था। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच भी जो हमें सबसे बड़ा सबक मिला है वो आत्मनिर्भरता का ही है।
स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता। स्टील फ्रेम का काम देश को ये ऐहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।
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12:08 PM, 31-Oct-2020
सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों
एक प्रकार से सरदार पटेल ही देश की सिविल सेवा के जनक थे। 21 अप्रैल 1947 को प्रशासनिक अधिकारियों के पहले बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने सिविल सेवा के अधिकारियों को देश का स्टील फ्रेम कहा था।
आपसे मेरा आग्रह है कि आज की रात सोने से पहले खुद को आधा घंटा दीजिए। अपने कर्तव्य, दायित्व, प्रण के बारे में जो आप सोच रहे हैं, उन्हें लिखकर रख लीजिएगा। ये कागज का टुकड़ा जीवन भर आपके संकल्पों को साकार करने के लिए आपके हृदय की धड़कन बनकर आपके साथ रहेगा।
अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य है। मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों, देश की एकता अखंडता को मजबूत करने वाले हों।
11:59 AM, 31-Oct-2020
एक साल पहले जो स्थितियां थी और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है
आप ही वो अफसर हैं, जो उस समय भी देश सेवा में होंगे, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा। आजादी के 75 से 100 वर्ष के बीच के ये 25 साल भारत के लिए बहुत अहम है।
आज भारत की विकास यात्रा के जिस महत्वपूर्ण कालखंड में आप हैं, वो बहुत विशेष है। जब आपका बैच काम करना शुरू करेगा, तो वो समय होगा जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वे वर्ष में होगा।
एक साल पहले जो स्थितियां थी और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है। मुझे विश्वास है कि संकट के इस समय में देश ने और देश की व्यवस्थाओं ने जिस तरह काम किया, उससे आपने भी बहुत कुछ सीखा होगा।
09:57 AM, 31-Oct-2020
पड़ोसी देश ने सच स्वीकार किया है
हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है। आज अवसर है इस विराट और भव्य व्यक्तित्व के चरणों मे हम उसी भारत के निर्माण का संकल्प दोहराएं, जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था।
मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि, देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें। अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का।
पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका उदाहरण है।
उस समय उन वीरों की तरफ देखते हुए मैं विवादों से दूर रहकर सारे आरोपों को झेलता रहा, भद्दी भद्दी बातों को सुनता रहा। दिल पर वीर शहीदों का गहरा घाव था।
09:52 AM, 31-Oct-2020
हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है
देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।
आज जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी। ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की। देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे।
हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है। हम एक हैं तो असाधारण हैं। हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है। हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं। ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है।
09:49 AM, 31-Oct-2020
आतंकवाद से कभी किसी का कल्याण नहीं हो सकता
आतंकी पीड़ा को भारत भली-भांति जानता है। भारत ने आतंकवाद को हमेशा अपनी एकता से, अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से जवाब दिया है। आज पूरे विश्व को भी एकजुट होकर हर उस ताकत को हराना है जो आतंकवाद के साथ है, आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है।
आज के माहौल में दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है। शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है। आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता।
आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों में है। आज भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है। अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है।
09:45 AM, 31-Oct-2020
कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है
सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है। देश राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है।
कश्मीर के विकास में जो बाधाएं आ रही थीं, उन्हें पीछे छोड़कर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है। चाहे नॉर्थ ईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
अन्य विरासतों के साथ ही ये कार्य भी सरदार साहब के ही जिम्मे अगर होता, तो आज आजादी के इतने वर्षों बाद ये काम पूरा करने की नौबत मुझपर नहीं आती। सरदार साहब का वो काम अधूरा था। उन्हीं की प्रेरणा से 130 करोड़ देशवासियों को उस कार्य को पूरा करने का भी सौभाग्य मिला।
09:41 AM, 31-Oct-2020
भारत कोरोना से उबर भी रहा है और एकजुट होकर आगे भी बढ़ रहा है
विपदाओं और चुनौतियों के बीच ही देश ने ऐसे काम किए है जो कभी असंभव मान लिए गए थे। इसी मुश्किल समय में धारा 370 हटने के बाद कश्मीर ने समावेश का एक साल पूरा किया।
हमारे कोरोना वारियर्स हमारे पुलिस के अनेक होनहार साथियों ने दूसरों का जीवन बचाने के लिए अपना जीवन दे दिया। आजादी के बाद मानव सेवा और सुरक्षा के लिए जीवन देना इस देश के पुलिस बेड़े की विशेषता रही है।
आज भारत कोरोना से उबर भी रहा है और एकजुट होकर आगे भी बढ़ रहा है। ये वैसी ही एकजुटता है जिसकी कल्पना लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने की थी।
कोरोना वारियर्स के सम्मान में 130 करोड़ देशवासियों ने एक होकर जो जज्बा दिखाया, एकता का जो संदेश दिया, उसने 8 महीने से हमें इस संकट से लड़ने, जूझने और विजयपथ पर आगे बढ़ने की ताकत दी है।
09:36 AM, 31-Oct-2020
भारत की ताकत हमें हर आपदा से, हर विपत्ति से लड़ना और जीतना सिखाती है
किसी ने कल्पना नहीं की थी कि पूरी मानवजाति को कोरोना जैसी महामारी की सामना करना पड़ेगा। लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है।
भारत के लिए इस अद्भुद भावना को आज हम यहां मां नर्मदा के किनारे सरदार साहब की भव्य प्रतिमा की छांव में और करीब से महसूस कर सकते हैं। भारत की यही ताकत हमें हर आपदा से, हर विपत्ति से लड़ना सिखाती है और जीतना भी सिखाती है।
भगवान श्रीराम के आदर्श, उनके संस्कार अगर आज भारत के कोने-कोने में हमें एक दूसरे से जोड़ रहे हैं, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय महर्षि वाल्मिकी जी को ही जाता है। राष्ट्र और मातृभूमि को सबसे बढ़कर मानने का महर्षि वाल्मीकि का जो मंत्र था, वही आज राष्ट्र प्रथम का मजबूत आधार है।
09:28 AM, 31-Oct-2020
आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का शुभारंभ होने वाला है
ये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है। आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था।
आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है। सरदार साहब के दर्शन के लिए, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा। ये सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं।
कल से लेकर अब तक केवड़िया में जंगल सफारी, एकता मॉल, चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क जैसे अनेक नए स्थलों का लोकार्पण हुआ है। बहुत ही कम समय में सरदार सरोवर डैम के साथ जुड़ा ये भव्य निर्माण एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का, नए भारत की प्रगति का तीर्थ स्थल बन गया है।
09:24 AM, 31-Oct-2020
पीएम मोदी एकता दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं
2014 में हमने उनके जन्मदिवस को भारत की एकता के पर्व के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। इन 6 वर्षों में देश ने गांव से लेकर शहरों तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक, पूरब से लेकर पश्चिम तक सभी ने एक भारत- श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है।
सभी देशवासियों को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। देश की सैकड़ों रियासतों को, राजे-रजवाड़ों को एक करके, देश की विविधता को आधार भारत की शक्ति बनाकर सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को वर्तमान स्वरूप दिया।
पुलिस बेड़े के वीर बेटे-बेटों के नाम- भारत माता की जय। कोरोना के समय में सेवारत कोरोना वॉरियर्स के नाम- भारत माता की जय। आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने में जुटे कोटि-कोटि लोगों के नाम- भारत माता की जय।
08:56 AM, 31-Oct-2020
परेड में शामिल हुई एनएसजी, एनडीआरएफ जैसी एजेंसियां
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात पुलिस, सीआरपीएफ की महिला यूनिट जैसी सुरक्षा एजेंसियां शामिल हुईं।
08:46 AM, 31-Oct-2020
पीएम मोदी ने ली परेड की सलामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली। परेड में देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवान शामिल हैं।
08:34 AM, 31-Oct-2020
पीएम मोदी ने जवानों को दिलवाई शपथ
प्रधानमंत्री ने एकता दिवस परेड में देश की रक्षा की शपथ ली और जवानों को दिलवाई।
08:22 AM, 31-Oct-2020
एकता दिवस कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकता दिवस परेड कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंच गए हैं।
08:14 AM, 31-Oct-2020
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
08:12 AM, 31-Oct-2020
कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से लौह पुरुष सरदार पटेल के चरणों में वंदन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रीय एकता के प्रतिबिंब व हर भारतीय के हृदय में बसने वाले लौह पुरुष सरदार पटेल जी को कोटिश: नमन। आजादी के बाद सैकड़ों रियासतों में बिखरे भारत का एकीकरण कर, उन्होंने आज के मजबूत भारत की नींव रखी। उनका दृढ़ नेतृत्व, राष्ट्र समर्पण व विराट योगदान भारत कभी नहीं भुला सकता। संविधान एवं सनातन के संतुलन के अद्वितीय प्रतीक सरदार पटेल ने देश के एकीकरण से लेकर सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण तक अपने जीवन का क्षण-क्षण भारत में एक राष्ट्र का भाव जागृत करने के लिए अर्पित किया। कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से ऐसे महान राष्ट्रभक्त लौह पुरुष सरदार पटेल के चरणों में वंदन।'
08:08 AM, 31-Oct-2020
लौहपुरुष को प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रीय एकता और अखंडता के अग्रदूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।'
08:06 AM, 31-Oct-2020
राष्ट्रपति कोविंद, उपराष्ट्रपति नायडू ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि
दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के राज्यपाल अनिल बैजल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी।
08:04 AM, 31-Oct-2020
सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को पीएम मोदी करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह लगभग 11 बजे सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को संबोधित करेंगे। इसके बाद 11:45 बजे, प्रधानमंत्री वाटर एरोड्रम (केवड़िया) का उद्घाटन करेंगे। फिर वे केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट तक सीप्लेन सेवा का भी उद्घाटन करेंगे।
07:33 AM, 31-Oct-2020
देश के पहले सी-प्लेन में पीएम मोदी ने किया सफर, केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे
सभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आठ बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देंगे। फिर वह राष्ट्रीय एकता दिवस परेड देखेंगे और नौ बजे सभा को संबोधित करेंगे।